देश के किसान अब रबी फसलों की खेती की बुवाई करने की तैयारी में है और इसी के चलते किसानों को राज्य सरकार ने बड़ी राहत की खबर दी है, जिससे सभी किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. यूपी सरकार ने मेरठ जिले के किसानों को गेहूं बीजों पर 50 प्रतिशत तक अनुदान मुहैया कराने का ऐलान किया है. इसके अलावा, सरकार ने ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की भी शुरुआत कर दी है. ऐसे में किसानों के मन में यह सवाल आ रहा होगा की कैसे योजना में आवेदन करें और कब उन्हें बीज मिलना शुरु होगा. आइए आगे यहां जानें पूरी जानकारी..
कब से शुरु होगी गेहूं की बुवाई?
देश के किसान रबी सीजन में गेहूं की बुवाई की शुरुआत अक्टूबर से दिसंबर के महीनों में करते हैं. ऐसे में किसानों को यूपी सरकार की यह सौगात किसी राहत से कम नहीं है, क्योंकि किसानों को रबी सीजन में गेहूं की बुवाई करते समय बीजों पर अधिक खर्च करना पड़ जाता है. ऐसे में सरकार ने सीजन की शुरुआत से पहले बीज की व्यवस्था करके किसानों को बड़ी सहायता दी है, जिससे फसल से अधिक उत्पादन मिलने की संभावना बढ़ेगी.
गेहूं बीज पर कितना मिलेगा अनुदान?
देश के किसान भाई इस समय गेहूं की बुवाई की तैयारी में है और इस वक्त किसानों को बुवाई के लिए अच्छे गुणवत्ता वाले बीजों की जरुरत होती है. इसी को देखते हुए यूपी सरकार ने मेरठ जिले के किसानों को बड़ी राहत दी है कि इस बार गेहूं के बीजों पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ मिलेगा और इस सहायता से किसानों को आर्थिक सहायता के साथ अच्छी उपज भी मिलेगी.
कितने कुंतल गेहूं का बीज का लक्ष्य है?
यूपी के मेरठ जिले में 78 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की खेती की जाती है. यानी की इस जिले में बड़े क्षेत्र में किसान रबी सीजन में गेहूं की खेती करते हैं. इसी को देखते हुए सरकार ने किसानों को इस रबी सीजन में 6800 कुंतल गेहूं का बीज उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है, जिससे जिले के किसानों को आर्थिक मदद के साथ फसल से अच्छा उत्पादन मिलेगा.
ऑनलाइन आवेदन कहां करें?
अगर आप भी गेहूं किसान है और मेरठ जिले में रहते हैं तो आप भी इस सरकारी अनुदान का फायदा उठा सकते हैं. बीज प्राप्त करने के लिए किसानों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन www.upagriculture.com वेबसाइट पर जाकर करना होगा और इसके बाद इस सरकारी सुविधा का लाभ किसानों को पहले आओ और पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा.
इसके अलावा, किसानों को 50% सब्सिडी के साथ दलहन की एक किट भी निशुल्क दी जाएगी. यानी की किसानों को कुल मिलाकर डबल फायदा होगा.
लेखक: रवीना सिंह
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