देश के किसान कई फसलों की पैदावार करते हैं और बस यह उम्मीद करते हैं कि उनकी फसल की खरीद समय पर हो जाए और अधिक मुनाफा मिल सकें. इसी के चलते यूपी के किसान भाइयों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है कि उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों के किसानों की धान की तैयारी फसल की खरीद शुरु की जा रही है और इस बार धान का एमएसपी भी बढ़ाया गया है और खास बात यह है कि धान खरीद होने के 48 घंटे के अंदर पैसा सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा.
कब शुरु होगी धान खरीद?
देश के किसान धान की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं और यह उम्मीद करते हैं कि समय पर उनकी फसल की खरीद हो. इसी के चलते यूपी के किसानों के लिए बेहद ही राहत भरी खबर सामने आ रही है कि उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्से के 13 जिलों में 1 नवंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू हो जाएंगी. यानी की किसान भाई अपनी धान की फसल क्रय केंद्रों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य बेच 48 घंटे के भीतर ही पैसे प्राप्त कर सकेंगे.
धान की फसल पर कितना MSP बढ़ाया ?
अगर आप धान की खेती करते हैं, तो आपको बड़ा फायदा होने वाला है. यानी की यूपी सरकार धान किसानों की फसल खरीद की प्रक्रिया शुरु करने वाली है और इस बार धान किसानों को बिक्री पर पहले से ज्यादा समर्थन मूल्य प्राप्त होगा. साथ ही बता दें कि धान की दो श्रेणियों के लिए अलग-अलग एमएसपी तय हुआ है.
इसके अलावा, किसान भाइयों को धान की उतराई, छनाई और सफाई के लिए अलग से 20 रुपये प्रति क्विंटल दिए जाएंगे. इससे किसानों का फसल बेचने दौरान होने वाले खर्चों में राहत मिलेगी.
कितने जिलों में शुरु होगी धान खरीद?
अगर आप यूपी के किसान है और धान की खेती करते हैं और यह जानना चाहते हैं कि कब धान की सरकारी खरीद शुरु होगी तो आपको बता दें कि यह प्रक्रिया 1 नवंबर से शुरु होकर 28 फरवरी 2027 तक 13 जिलों में चलेगी, जिनमें है -लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी,चित्रकूट, कानपुर, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर, प्रयागराज, लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव शामिल है.
कैसे कराएं पंजीकरण?
अगर आप यूपी के किसान है और आपने धान की पैदावार की है और आपकी फसल बेचने के लिए पूरी तरह से तैयार है और अभी तक आपने सरकारी खरीद प्रक्रिया के लिए पंजीकरण नहीं कराया है, तो जल्द ही इस काम को कराने के लिए आप सरकारी वेबसाइट fcs.up.gov.in या फिर UP KISAN MITRA के माध्यम से भी पंजीकरण और नवीनीकरण दोनों काम करा सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह
Share your comments