देश के किसानों को कई सरकारी योजनाओं का फायदा मिल रहा है. इसी के चलते अक्सर यह देखा जाता है कि खतौनी की जमीन पर घर के कई सदस्यों का नाम दर्ज होते हैं. ऐसे में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही उठता है. अगर एक ही खतौनी (भूमि रिकॉर्ड) में पांच भाइयों के नाम हैं, तो क्या सभी को अलग-अलग ₹2000 की किस्त मिलेगी? या फिर लाभ सिर्फ एक सदस्य तक सीमित रहेगा?
इस मुद्दे पर सरकार ने स्पष्ट नियम बनाए हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में कई किसान भ्रमित रहते हैं, तो आइए जानें-
संयुक्त खतौनी: लाभ मिलेगा या नहीं?
अगर आप पीएम किसान योजना के लाभार्थी है और आप संयुक्त खतौनी पर खेती कर रहे हैं,तो ऐसे में सरकार के नियमों के अनुसार, एक ही खतौनी में कई नाम होने से लाभ अपने आप सभी को नहीं मिल जाता, बल्कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि-
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क्या सभी भाइयों का अलग-अलग हिस्सा दर्ज है?
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क्या वे अलग परिवार के रूप में मान्य हैं?
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क्या उन्होंने अलग-अलग रजिस्ट्रेशन कराया है? अगर इन शर्तों को पूरा किया जाता है, तो सभी पात्र सदस्य योजना का लाभ उठा सकते हैं.
अलग-अलग हिस्सेदारी है तो मिलेगा फायदा
सरकार के अनुसार यदि पांचों भाइयों के नाम खतौनी में दर्ज हैं और राजस्व रिकॉर्ड में उनकी व्यक्तिगत हिस्सेदारी साफ-साफ दर्ज है, तो यह एक महत्वपूर्ण आधार बन जाता है, लेकिन सिर्फ नाम होना काफी नहीं है. हर हिस्से की जमीन- खेती योग्य (cultivable) होनी चाहिए, वास्तविक रूप से उपयोग में लाई जा रही हो.
इसके अलावा, अगर जमीन बहुत कम है और उसे बांटने पर हिस्सा नगण्य रह जाता है, तो सरकार पूरे परिवार को एक यूनिट मान सकती है और लाभ सिर्फ एक सदस्य को मिलेगा.
क्या रजिस्ट्रेशन है जरूरी?
हर पात्र किसान को योजना का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना बेहद ही जरुरी है. अगर किसान वक्त रहते अपनी अलग-अलग आवेदन की प्रक्रिया को पूरा नहीं करते हैं, पात्रता होने के बाद भी वह इस सरकारी योजना के फायदे से वंचित रह सकते हैं. यानी की अगर पांचों भाइयों ने अलग-अलग रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, तो उन्हें अलग-अलग किस्त नहीं मिलेगी.
‘एक परिवार, एक लाभ’ का नियम क्या कहता है?
अगर आपके पास भी संयुक्त खतौनी जमीन पर खेती-बाड़ी कर रहे हैं, तो आपको ऐसे में ‘एक परिवार, एक लाभ’ का नियम के बारे में पता होना जरुरी है. बता दे कि यह नियम इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है. सरकार के अनुसार: एक परिवार = पति + पत्नी + नाबालिग बच्चे
इसका मतलब यह है कि अगर पांचों भाई अविवाहित हैं और एक ही परिवार में रहते हैं, तो उन्हें एक ही यूनिट माना जा सकता है और अगर कोई भाई 18 साल से कम उम्र का है, तो वह अपने माता-पिता के परिवार का हिस्सा माना जाएगा ऐसी स्थिति में अलग-अलग ₹2000 नहीं मिलेंगे.
लेखक: रवीना सिंह
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