बिहार के पशुपालकों और ग्रामीण परिवारों के लिए डेयरी कारोबार शुरू करने का बड़ा मौका सामने आ रहा है. राज्य सरकार डेयरी बिजनेस की शुरुआत करने के लिए गरीब परिवारों और पशुपालकों को गौधन विकास ऋण योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को उन्नत नस्ल की गाय या भैंस खरीदने के लिए ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध करा रही है. साथ ही इस सरकारी योजना की खास बात यह है कि ऋण पर लगने वाले ब्याज का भुगतान सरकार द्वारा किया जाएगा. ऐसे में लाभार्थी को केवल मूलधन ही देना होगा.
गाय-भैंस खरीदने के लिए मिलेगा ब्याज मुक्त ऋण
बिहार की गौधन विकास ऋण योजना 2026 का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देना और पशुपालकों की आमदनी बढ़ाना है. योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को तीन उन्नत नस्ल की गाय या दो भैंस खरीदने के लिए ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है.
इस योजना से उन लोगों को खास फायदा मिल सकता है, जो आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पशुपालन शुरू नहीं कर पाते हैं. सरकार की ब्याज सहायता से पशुपालकों पर शुरुआती आर्थिक बोझ कम होगा और वे दूध उत्पादन के जरिए नियमित आमदनी का स्रोत तैयार कर सकेंगे.
सरकार कितने प्रतिशत ब्याज अनुदान देगी?
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत ब्याज को लेकर है. सरकार बैंकों को 100 प्रतिशत ब्याज अनुदान के रूप में भुगतान करेगी. इसका मतलब है कि लाभार्थी को ऋण पर ब्याज नहीं देना होगा. उसे केवल लिए गए ऋण की मूल राशि वापस करनी होगी. यानी की इससे डेयरी व्यवसाय शुरू करने वाले पशुपालकों के लिए ऋण की अदायगी आसान हो सकती है.
तीन उन्नत नस्ल की गाय या दो भैंस खरीदने का मौका
योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को तीन उन्नत नस्ल की गाय अथवा दो भैंस खरीदने के लिए ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था है. उन्नत नस्ल के पशुओं से बेहतर दूध उत्पादन हासिल करने की संभावना रहती है, जिससे पशुपालकों की आय बढ़ सकती है और वह इस करोबार से जुड़कर बड़ा मुनाफा कमा सकते हैं.
महिलाओं को मिलेगा विशेष लाभ
इस योजना में महिलाओं की भागीदारी पर भी विशेष जोर दिया गया है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, योजना से लाभान्वित होने वालों में 50 प्रतिशत महिलाएं सीधे तौर पर लाभान्वित होंगी. इससे ग्रामीण महिलाओं को पशुपालन और डेयरी व्यवसाय से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल सकती है. खासकर कोसी क्षेत्र में महिलाओं द्वारा संचालित दुग्ध उत्पादक समूहों और कंपनियों को इससे आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है.
कितने साल के लिए योजना शुरु की गई है?
गौधन विकास ऋण योजना को तीन वर्ष की अवधि के लिए शुरू किया गया है. सरकार का लक्ष्य दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना और गरीबी कम करने में मदद करना है. कोसी क्षेत्र में पहले से चल रही डेयरी विकास योजनाओं के साथ इस योजना को जोड़कर पशुपालकों को ज्यादा लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. इससे दूध उत्पादन, संग्रहण और बिक्री से जुड़ी गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है.
लेखक: रवीना सिंह
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