1. Home
  2. ख़बरें

अब ड्रोन करेगा खेतों में छिड़काव! किसानों को 75% तक की भारी छूट, ऐसे मिलेगा लाइसेंस

Agriculture Drone Sprayer : भारत देश को कृषि प्रधान देश कहां जाता है और इसी कड़ी में सरकार कृषि को और भी बेहतर बनाने की दिशा में किसानों को कृषि आधुनिक तकनीकों को काफी बढ़ावा दे रही है, जैसे एग्रीकल्चर ड्रोन इस तकनीक की मदद से किसानों का काम आसान हो गया है, लेकिन अब सवाल यह है कि ड्रोन के लिए लाइसेंस कैसे प्राप्त होगा?आइए यहां जानें..

KJ Staff
drone2
अब ड्रोन करेगा खेतों में छिड़काव (Image Source-AI generate)

देश में खेती अब पारंपरिक तरीकों से निकलकर नई आधुनिक तकनीकों की ओर तेजी से बढ़ रही है. इस बदलाव की मिसाल बनकर उभरा है एग्रीकल्चर ड्रोन, जिससे खेतों में कीटनाशक और खाद का छिड़काव अब घंटों की मेहनत का काम नहीं रहा, बल्कि कुछ मिनटों में पूरा होने वाला स्मार्ट प्रोसेस बन गया है. सरकार भी इस तकनीक को बढ़ावा दे रही है,जिससे किसानों के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं के लिए नए रोजगार के रास्ते खुल रहे हैं.

क्या है एग्रीकल्चर ड्रोन और क्यों बढ़ रही है इसकी मांग?

एग्रीकल्चर ड्रोन एक खास तरह का मानवरहित विमान (UAV) होता है, जिसे खेतों में स्प्रे, सर्वे और निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यह GPS और सेंसर तकनीक से लैस होता है, जिससे सटीक मात्रा में दवा का छिड़काव किया जा सकता है.

ड्रोन की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे कई कारण हैं. यह कम समय में ज्यादा क्षेत्र कवर करता है, पानी और कीटनाशक की बचत करता है और किसानों को जहरीले केमिकल के संपर्क से भी बचाता है. इसके अलावा मजदूरी लागत में भी भारी कमी आती है.

ड्रोन उड़ाने के लिए कैसे मिलता है लाइसेंस?

खेती में ड्रोन उड़ाने के लिए साधारण तरीके से उड़ाना पर्याप्त नहीं है, इसके लिए लाइसेंस लेना बेहद ही आवश्यक होता है. भारत में ड्रोन संचालन के नियम DGCA द्वारा तय किए गए हैं. बता दे कि ड्रोन लाइसेंस पाने के लिए उम्मीदवार को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर से कोर्स करना होता है. इस ट्रेनिंग में शामिल होते हैं:

  • ड्रोन उड़ाने की तकनीक

  • खेतों की डिजिटल मैपिंग

  • सही मात्रा में स्प्रे करना

  • बैटरी और मशीन की मेंटेनेंस

  • सुरक्षा नियम और आपातकालीन स्थिति से निपटना

ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उम्मीदवार को रिमोट पायलट सर्टिफिकेट (RPC) दिया जाता है, जिसके बाद वह व्यावसायिक रूप से ड्रोन उड़ा सकता है.

drone1
(Image Source-AI generate)

ड्रोन खरीदने की लागत और सब्सिडी

अगर किसान भाई एग्रीकल्चर ड्रोन की खरीद करना चाहते हैं, तो इसकी कीमत उसकी क्षमता और तकनीक पर निर्भर करती है. आमतौर पर एक ड्रोन की कीमत 4.5 लाख रुपये से लेकर 15 लाख रुपये तक हो सकती है. हालांकि सरकार इस पर भारी सब्सिडी देती है.

  •  सामान्य किसानों को 40–50% सब्सिडी

  •  महिला, एससी/एसटी किसानों को अधिक सहायता

  •  FPO और कस्टम हायरिंग सेंटर को 75% तक सब्सिडी

  •  Namo Drone Didi Yojana के तहत महिला समूहों को 80% तक सहायता

किसान ड्रोन बिजनेस से कितनी इनकम होगी?

एग्रीकल्चर ड्रोन आज के समय में सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि एक मजबूत बिजनेस मॉडल बन चुका है. अगर किसी व्यक्ति के पास ड्रोन और लाइसेंस है, तो वह किसानों को सेवा देकर अच्छी कमाई कर सकता है.

  •  प्रति एकड़ स्प्रे चार्ज: ₹400 से ₹800

  •  एक दिन में कवर: 20-40 एकड़ (क्षमता के अनुसार)

  •  दैनिक कमाई: ₹10,000 से ₹25,000 तक

  •  सीजनल कमाई: लाखों रुपये

कैसे करें आवेदन?

किसान या इच्छुक युवा ड्रोन से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेने के लिए राज्य के कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. इसके बाद आवेदन का सत्यापन होता है और चयनित उम्मीदवारों को योजना का लाभ दिया जाता है.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Agriculture Drone Subsidy 75 Percent know License Income Full details Published on: 22 May 2026, 05:30 PM IST

Like this article?

Hey! I am KJ Staff. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News