1. Home
  2. ख़बरें

इंदौर से ब्रिक्स कृषि सहयोग का नया संकल्प: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुभारंभ सत्र को किया संबोधित

इंदौर में गुरुवार से शुरू हुए BRICS कृषि मंत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना को रेखांकित करते हुए शांति, समन्वय और साझा विकास पर बल दिया। सम्मेलन में कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर सहित BRICS देशों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

KJ Staff
shivraj-singh-chouhan2
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान
  • प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “वसुधैव कुटुंबकम” के साथ वैश्विक साझेदारी पर जोर- शिवराज सिंह

  • छोटे किसानों को सशक्त बनाने पर भारत का फोकस- केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान

  • कृषि विकास में 4.5% वार्षिक वृद्धि, खाद्य उत्पादन 376 मिलियन टन तक पहुंचा- शिवराज सिंह

  • महिला और युवा शक्ति कृषि परिवर्तन का आधार- शिवराज सिंह चौहान

  • प्राकृतिक खेती और तकनीक से भविष्य की तैयारी- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह

इंदौर/ भोपाल/ नई दिल्ली, 12 जून 2026, मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी और स्वच्छता के प्रतीक इंदौर में ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन का आज शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत की कृषि शक्ति, सांस्कृतिक मूल्यों और वैश्विक सहयोग की प्रतिबद्धता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना को आगे बढ़ाते हुए इस मंत्र के साथ दुनिया को एक परिवार मानते हुए शांति, समन्वय और साझेदारी आधारित विकास पर जोर दिया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर भी उपस्थित थे।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में

"अतिथि देवो भवः" की भारतीय परंपरा का उल्लेख करते हुए सभी प्रतिनिधियों का हार्दिक स्वागत किया और कहा कि भारत हमेशा वैश्विक एकता, शांति और सहयोग का पक्षधर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का दृष्टिकोण “युद्ध नहीं शांति, संघर्ष नहीं समन्वय” पर आधारित है, जो वैश्विक कृषि साझेदारी के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत बन सकता है।

उन्होंने कहा कि यह संवाद विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के सामने मौजूद चुनौतियों- जैसे जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव और बाजार की अनिश्चितता का सामूहिक समाधान खोजने के लिए महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि छोटे किसान मजबूत होते हैं, तो दुनिया की खाद्य सुरक्षा स्वतः सुदृढ़ हो जाएगी।

केंद्रीय मंत्री चौहान ने भारत की कृषि उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले एक दशक में कृषि क्षेत्र में लगभग 4.5 प्रतिशत की औसत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। देश का कुल खाद्य उत्पादन बढ़कर लगभग 376 मिलियन टन तक पहुंच गया है। गेहूं उत्पादन 118 मिलियन टन के करीब पहुंचा, जबकि बागवानी उत्पादन 378 मिलियन टन से अधिक हो गया है। मछली उत्पादन भी बढ़कर 19 मिलियन टन से अधिक हो चुका है।

उन्होंने बताया कि भारत विश्व का सबसे बड़ा खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम संचालित करता है, जिसके माध्यम से बड़ी आबादी को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने किसानों के योगदान को सराहते हुए कहा कि यह उपलब्धियां उनके कठिन परिश्रम और सरकार की संवेदनशील नीतियों का परिणाम हैं।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत में लगभग 43 प्रतिशत कार्यबल कृषि से जुड़ा है और यह क्षेत्र न केवल खाद्य सुरक्षा बल्कि करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही योजनाओं- जैसे उन्नत बीज, सिंचाई, तकनीक और किसान सहायता कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए बताया कि इनसे किसानों को व्यापक लाभ मिला है।

shivraj-singh-chouhan3

उन्होंने छोटे और सीमांत किसानों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत के लगभग 87 प्रतिशत किसान इस श्रेणी में आते हैं और इन्हें सशक्त बनाना ही समावेशी विकास की कुंजी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत करोड़ों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया जा रहा है, जबकि किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बीमा जैसी योजनाएं किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही हैं।

प्राकृतिक खेती पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग और मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने मध्य प्रदेश से शुरू किए गए देशव्यापी “खेत बचाओ अभियान” का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके माध्यम से किसानों तक वैज्ञानिक जानकारी और सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं, जिससे प्राकृतिक खेती और जैविक इनपुट्स का उपयोग बढ़ रहा है।

shivraj-singh-chouhan

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने महिला सशक्तिकरण को कृषि विकास का प्रमुख आधार बताते हुए कहा कि आज करोड़ों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कृषि और उससे जुड़े व्यवसायों में नेतृत्व कर रही हैं। “ड्रोन दीदी” जैसी पहलें ग्रामीण भारत में तकनीकी और सामाजिक परिवर्तन का उदाहरण बन रही हैं।

युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि कृषि में नवाचार, स्टार्टअप और डिजिटल तकनीकों के माध्यम से युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है, जिससे कृषि क्षेत्र अधिक आकर्षक और आधुनिक बन रहा है।

उन्होंने ब्रिक्स देशों से अपील की कि सभी मिलकर छोटे किसानों को सशक्त बनाने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और सतत कृषि विकास के लिए सामूहिक प्रयास करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह संवाद अनुभवों के आदान-प्रदान और नीतिगत सहयोग के माध्यम से वैश्विक कृषि को नई दिशा देगा।

English Summary: Brics Agriculture Cooperation New Resolution Indore Shivraj Singh Chouhan Published on: 12 June 2026, 12:51 PM IST

Like this article?

Hey! I am KJ Staff. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News