1. Home
  2. खेती-बाड़ी

कम जगह और अलग-अलग तापमान में उगाएं मशरूम की टॉप 3 किस्में, होगी बंपर कमाई!

Mushroom Farming: देश के किसानों को हमेशा ऐसी फसलों की तलाश होती है, जिससे वह कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकें. ऐसे में किसानों के लिए मशरुम की खेती मुनाफे का सौदा साबित हो सकती है, जिसके लिए बड़ी जमीन की भी कोई जरुरत नहीं होती है. किसान एक कमरे से ही इस फसल की खेती कर तगड़ा मुनाफा कमा सकते हैं. चलिए आगे जानिए मशरुम की ये टॉप 3 किस्में जिसकी खेती कर पैसे की होगी बारिश..

KJ Staff
mushroom farming
मशरूम की टॉप 3 किस्में (Image Source-AI generate)

आज के समय में किसान के मन में अक्सर ये सवाल आता है कि कम जगह में नया कृषि व्यवसाय कैसे शुरु करें और किन फसलों की खेती करें, जिनसे कम समय में अधिक मुनाफा मिल सकें. ऐसे में मशरुम की खेती एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है. यानी की किसान इस कृषि व्यवसाय से जुड़कर कम समय में अधिक पैदावार प्राप्त कर तगड़ी आमदनी अर्जित कर सकते हैं और बड़ा मुनाफा कमा सकते हैं. आइए जानें मशरुम की टॉप 3 किस्में-

ढिंगरी मशरूम (Oyster Mushroom)

ढिंगरी मशरूम की खेती शुरुआती किसानों के लिए उपयोगी विकल्प है. इसकी खेती गेहूं और धान के उपचारित भूसे पर आसानी से की जा सकती है. इसकी कुछ प्रमुख किस्में लगभग 20 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान में अच्छी तरह विकसित होती हैं, हालांकि अलग-अलग प्रजातियों के लिए तापमान की जरूरत अलग हो सकती है. इसकी खेती के लिए भूसे को उचित तरीके से उपचारित करके उसमें मशरूम का बीज डाला जाता है. इसके बाद नमी और साफ-सफाई का ध्यान रखते हुए कवक जाल विकसित किया जाता है. ढिंगरी मशरूम को ताजा बेचने के साथ सुखाकर भी बाजार में बेचा जा सकता है.

बटन मशरूम (Button Mushroom)

बटन मशरूम की मांग घरों, होटलों और रेस्तरां में बनी रहती है. इसकी खेती के लिए अच्छी गुणवत्ता वाली कम्पोस्ट, साफ-सुथरा वातावरण और तापमान का नियंत्रण जरूरी है. इसके फलन के दौरान सामान्यतः 14 से 18 डिग्री सेल्सियस तापमान अनुकूल माना जाता है. गर्म क्षेत्रों में इसकी खेती करने के लिए शीतलन व्यवस्था की आवश्यकता पड़ सकती है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ सकती है. इसलिए इसकी खेती शुरू करने से पहले उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय बाजार का आकलन करना चाहिए.

दूधिया मशरूम (Milky Mushroom)

दूधिया मशरूम गर्म जलवायु वाले क्षेत्रों के लिए अच्छा विकल्प है. इसके विकास के लिए लगभग 25 से 35 डिग्री सेल्सियस तापमान और 80 से 90 प्रतिशत आर्द्रता अनुकूल मानी जाती है. इसकी खेती में उपचारित भूसे पर मशरूम का बीज डालकर कवक जाल विकसित किया जाता है. इसके बाद केसिंग की प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिसमें ऊपर से उपयुक्त सामग्री की परत बिछाई जाती है. इससे मशरूम के फलन में मदद मिलती है.

मशरुम उत्पादन में कितनी होगी कमाई?

मशरुम की खेती किसानों के लिए बेहद ही अच्छा विकल्प साबित हो सकता है, जिस तरह से 12 महीने बाजारों में मशरुम की मांग बनी रहती है. ऐसे में यह फसल किसानों को अधिक मुनाफा दिला सकती है. अगर मशरुम से होने वाले मुनाफे की बात करें, तो किसान मशरुम बिजनेस से मशरुम की किस्म के हिसाब से इस प्रकार मुनाफा कमा सकते हैं-

  • दूधिया मशरूम की खेती कर शानदार कमाई की जा सकती है. 10x10 के छोटे कमरे से शुरुआत करने पर ढिंगरी मशरूम से हर दो महीने में लगभग ₹20,000 तक की आमदनी होना संभव है.

  • बटन मशरूम के व्यावसायिक उत्पादन से प्रति सीजन ₹3 लाख या उससे अधिक का शुद्ध मुनाफा कमाया जा सकता है.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Best Mushroom Varieties for Small Scale Farming and Profitable Business Published on: 13 October 2026, 12:50 PM IST

Like this article?

Hey! I am KJ Staff. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News