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Kharif Seed Storage: घर पर बीज भंडारण करते समय न करें ये गलती, वरना खराब हो सकता है बीज

खरीफ बीज की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सही बीज चयन, उचित सुखाई, नमी नियंत्रण और सुरक्षित भंडारण जरूरी है। जूट, पॉलीथिन युक्त जूट तथा वायुरोधी कंटेनरों का उपयोग किया जा सकता है। नियमित निरीक्षण, नीम आधारित उपाय और वैज्ञानिक बीज उपचार अपनाकर किसान अगले मौसम के लिए स्वस्थ, गुणवत्तापूर्ण बीज सुरक्षित रख सकते हैं।

KJ Staff
Kharif Seed Storage
Kharif Seed Storage

भारत का 60-65 प्रतिशत भाग (2011-जनगणना) ग्रामीण क्षेत्र है, जहां पर मुख्यतः खेती ही एक आय का प्रमुख संसाधन है। अच्छी आय के लिए अच्छा फसल उत्पादन और अच्छा गुणवत्तापूर्ण बीज का होना अनिवार्य है। कृषि में जितने भी उपादानों का प्रयोग किया जाता है, उसमें बीज का महत्व सबसे ज्यादा है। अगर हमारा बीज गुणवत्तापूर्ण है, तो अकेले बीज के प्रभाव से 20 प्रतिशत तक पैदावार ज्यादा ले सकते हैं। अगली फसल के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता बहुत आवश्यक है। किसान भाई यदि अपनी उपज में से बीज सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो उचित वैज्ञानिक तरीके से उसका भंडारण करना आवश्यक है।

बीज जीवित पदार्थ हैं और भंडारण के दौरान उसकी अंकुरण क्षमता तथा गुणवत्ता धीरे-धीरे कम हो सकती है। अधिक नमी, अधिक तापमान, कीट, रोग तथा अनुचित भंडारण व्यवस्था बीज की गुणवत्ता को तेजी से खराब कर सकती है। इसलिए बीज का उचित और वैज्ञानिक तरीकों से भंडारण करना बीज उत्पादन का आवश्यक अंग बन जाता है। बीजों को स्थिर और अनुकूल वातावरण में रखने पर उन पर प्रतिकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों का प्रभाव कम हो जाता है। इस लेख में हम खरीफ बीजों के भंडारण की मूलभूत जानकारी, इसके उद्देश्यों, सिद्धांतों, बीज की दीर्घायु को प्रभावित करने वाले कारकों तथा आधुनिक तकनीकों एवं उचित भंडारण की सर्वोत्तम विधियों के बारे में विस्तार से जानेंगे।

बीज भंडारण और अनाज भंडारण अलग हैं। खाने या बेचने के लिए रखा अनाज और अगले मौसम की बुआई के लिए रखा बीज एक समान नहीं होता। बीज का सबसे बड़ा दुश्मन केवल कीड़ा नहीं बल्कि अनियंत्रित नमी है। अधिक नमी से श्वसन क्रिया बढ़ती है, तापमान बढ़ सकता है, जिससे फफूंद तथा भंडारण कीटों की समस्या बढ़ती है। इसलिए बीज को भंडारण से पहले अच्छी तरह सुखाना आवश्यक है। विभिन्न खरीफ फसलों में सुरक्षित नमी स्तर समान्य नही होते हैं।

1. मक्का: 10- 12 प्रतिशत

2. बाजरा: 10- 12 प्रतिशत

3. अरहर: 08- 09 प्रतिशत

4. ज्वार: 10- 12 प्रतिशत

5. चना: 08- 09 प्रतिशत 

 

(International Seed Testing Association)

बीज कब चुनें?

भंडारण की शुरुआत फसल कटाई से पहले ही शुरू हो जाती है। अगर बीज शुरू से ही कमजोर है, तो भंडारण का रख-रखाव उसे अच्छा नहीं बना सकता। बीज चुनते समय इन बातों का ध्यान रखें

  1. स्वस्थ पौधे का चयन करें, जो पौधे बढ़वार, रंग और उपज में सबसे अच्छे दिखें।

  2. रोगग्रस्त पौधों को पूरी तरह हटाएं, क्योंकि बीमार पौधे का बीज संक्रमण को आगे ले जाता है।

  3. टूटे, अपरिपक्व और रंग बदले बीजों को छांटकर निकाल दें।

बीज सुखाना

अधिकतर किसान वर्षों के अनुभव से बीज को हाथ में लेकर या दांत से काटकर अंदाजा लगाते हैं कि बीज सूखा है या नहीं। यह तरीका सही नहीं है। बीज की बाहरी परत जल्दी सूख जाती है, जबकि अंदर का भ्रूण ज्यादा समय लेता है। इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि जो बीज छूने पर बिल्कुल सूखा लगता है, उसके अंदर भी अतिरिक्त नमी हो सकती है। यही अतिरिक्त नमी भंडारण के दौरान फफूंद और कीटों को आमंत्रित करती है, जिससे बीज की अंकुरण क्षमता तथा गुणवत्ता कम हो सकती है।

बीज सुखाने के मुख्य बिंदु-

  1. साफ जगह पर सुखाएंः- सुखाने की सतह मिट्टी के फर्श पर नहीं बल्कि पक्के फर्श पर होनी चाहिए। जमीन से संपर्क होने पर मिट्टी की नमी बीज में चली जाती है।

  2. बीज की परत पतली होनी चाहिएः- अगर बीज की परत पतली होगी, तो सभी दानों को बराबर हवा और गर्मी मिलेगी। बीच-बीच में बीज को पलटना आवश्यक है।

  3. बारिश और ओस से बचावः- सुबह की ओस बारिश जितना ही नुकसान करती है, कई किसान भाई इसे नजर अंदाज कर देते हैं।

  4. तापमान की सीमाः- जितनी तेज धूप, उतना जल्दी सूखेगा यह सोच सही नहीं है। बीज की किस्म के अनुसार एक सुरक्षित तापमान सीमा होती है (आमतौर पर 400 से 430 सेल्सियस से ऊपर का तापमान संवेदनशील बीजों के लिए नुकसानदायक माना जाता है)। अधिक तापमान से बीज ऊपर से सूखा दिखता है, लेकिन अंदर से नमी बाहर नहीं निकल पाती, जिसका सीधा असर अंकुरण दर पर पड़ता है।

  5. सुखाने के तुरंत बाद भंडारण न करेंः- सूखे बीज को धूप से उठाने के तुरंत बाद बोरे में न भरें। कुछ समय सामान्य तापमान पर रखकर ठंडा होने दें। ऐसा न करने पर बीज के अंदर मौजूद बची हुई गर्मी बोरे के अंदर जमा हो जाती है, जिससे हल्की नमी फिर बन जाती है और अंकुरण क्षमता प्रभावित होती है।

  6. नमी मापक यंत्र:- नमी का सही और सटीक पता लगाने के लिए (नमी मापक यंत्र) आता है। इसे किसान भाइयों को खरीदने की आवश्यकता नहीं है। यह सरकार द्वारा कई जगहों पर उपलब्ध कराया गया है (जैसे कृषि विज्ञान केंद्र, किसान उत्पादक संगठन इत्यादि)। यहां पर निःशुल्क नमी की जांच की जाती है।

भंडारण

बीज कितने समय तक सुरक्षित रहेगा, यह केवल नमी के माप पर ही नहीं बल्कि इस बात पर भी निर्भर करता है कि सुखाने के बाद उसे किस प्रकार के कंटेनर में रखा गया है। गलत कंटेनर चुनने पर सही नमी वाला बीज भी खराब हो सकता है। बीज भंडारण मुख्यतः तीन तरह से कर सकते हैं-

  1. लघुकालिक भंडारणः- यह कुछ खरीफ बीजों के लिए बेहद अच्छा माना जाता है। इसमें बीज रखने के लिए कपड़े या जूट के बैग का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे हवा का आवागमन अच्छे से होता है, बीज सांस ले पाते हैं और बची हुई नमी भी निकल जाती है।

  2. मध्यमकालिक भंडारणः- यह तरीका ज्यादा दिनों तक बीज भंडारण में काम आता है। इसमें जूट के बैग में पॉलीथिन की परत लगाकर रखते हैं, जिससे बाहरी नमी और कीटों के प्रकोप से जूट बैग की तुलना में ज्यादा सुरक्षा मिलती है, जबकि हवा का थोड़ा आवागमन बना रहता है।

  3. दीर्घकालिक भंडारणः- इसमें पूरी तरह से वायुरोधी (।पत ज्पहीज) कंटेनर का प्रयोग करते हैं। यह केवल कम नमी वाले सूखे बीजों के भंडारण के लिए ज्यादा उपयोगी है।

कंटेनर

उपयुक्त अवधि

जरूरी शर्त

 

      

जूट बैग/कपड़ा बैग

2 से 3 महीना

नमी सुरक्षित सीमा में हो

 

पॉलीथिन युक्त जूट

6 से 8 महीना

परत बरकरार / नियमित जांच

वायुरोधी बैग

1 साल से अधिक

नमी की सटीक रूप में जांच की गई हो।

कम लागत का भंडारण

कम लागत वाली आधुनिक भंडारण तकनीक एवं नीम की पत्तियों जैसे पारंपरिक उपायों को अपनाकर खरीफ बीजों को सुरक्षित रखा जा सकता हैं। धातु के डिब्बे, छोटे किसान भाइयों के लिए यह बेहद उपयोगी हैं। इसमें बीज को नमी, कीट तथा चूहों से काफी हद तक बचाया जा सकता है। इसमें सावधानी यह बरतनी चाहिए कि पात्र को उपयोग से पहले अच्छी तरह साफ और सुखा लेना चाहिए। वायुरोधी भंडारण भी एक प्रभावशाली तरीका है, हालांकि इसमें रखने से पहले बीज को उचित नमी तक सुखाना अत्यंत आवश्यक है। अधिक नमी वाले बीज को वायुरोधी पात्र में बंद करने से फफूंद और बीज की गुणवत्ता खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में नमी सोखने वाले पदार्थ जैसे जीओलाइट केे प्रयोग से बीज की गुणवत्ता बनाए रखने की संभावनाएं बताई गई हैं। ऐसे पदार्थों का उपयोग स्थानीय कृषि विशेषज्ञों की सलाह पर ही करना चाहिए। इसके अतिरिक्त गाँव स्तर पर किसान भाई मिलकर सामुदायिक बीज बैंक स्थापित कर सकते हैं। इसमें किसान अच्छी गुणवत्ता वाले स्थानीय बीजों का संग्रह और भंडारण कर सकते हैं, जिससे खरीफ फसल की बुआई के समय सभी को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हो सके।

निष्कर्ष

खरीफ बीज का सुरक्षित भंडारण केवल बीज को एक स्थान पर रख देने की प्रक्रिया नही बल्कि अगली फसल की बुआई के पहले की तैयारी है। स्वस्थ व अच्छी गुण्वत्ता वाली बीज का चयन उचित सफाई और सुखाई, सुरक्षित नमी स्तर बनाये रखना। उपयुक्त भंडारण पात्र का प्रयोग तथा कीट फफूंदों से बचाव यह सभी कदम बीज का अंकुरण क्षमता और गुणवत्ता को बनाये रखने में महत्वपूर्ण है। साथ ही भंडारित बीज की समय-समय पर जांच किसानों को संभावित नुकसान से बचा सकती हैं।

परंपरागत ज्ञान, जैसे नीम की पत्तियां एवं नीम आधारित उपायों को आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक के साथ समुचित बीज उपचार के बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। किसान भाई का ध्यान खींचना चाहता हूं, कि अगर भंडारित बीज काले, बदरंग धबेब, दुर्गंध, बीज का चपकना तथा कीटों द्वारा बनाए गए छोटे छेद का दिखाई देना संक्रमण के संकेत हो सकते हैं। ऐसे बीज को स्वस्थ बीजों से अलग कर देना चाहिए। ज्यादा संक्रमण फैलने पर हम कुछ दवाएं जैसे रासायनिक पदार्थ एवं दवाओं का छिड़काव कर सकते हैं। (सावधानी - इन सब दवाओं के उपयोग से पहले निकटतम कृषि विज्ञान केंद्र में उपस्थित वैज्ञानिक का सलाह ज़रूर लें)

अच्छा बीज वर्तमान फसल की उपज का आधार नहीं बल्कि, किसान की आय, खाद्य सुरक्षा के लिए और अगले फसल उत्पाद का निर्धारक है। इसलिए प्रत्येक किसान को बीज भंडारण की महत्व की जानकारी ज़रूरी है। अगर किसान भाई बीज भंडारण में उचित सुखाई, नमी नियंत्रण और नियमित निरक्षण और वैज्ञानिक तरीके से बीज का उपचार अपनाए तो एक सुरक्षित बीज भंडार से अगले बुआई के लिए स्वस्थ अच्छी अंकुरण क्षमता वाला बीज सुनिश्चित किया जा सकता है।

लेखक: वेद प्रकाश1, राहुल पाल2, हरीश3 एवं डॉ. राजीव कुमार श्रीवास्तव4

1,2,3 बी.एस.सी.कृषि सेकंड ईयर, तिरहुत कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर
4 सह प्राध्यापक-सह-वरीय वैज्ञानिक (सस्य विज्ञान),
बीज निदेशालय, ढोली, मुजफ्फरपुर-843121, बिहार
(डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा, समस्तीपुर)

English Summary: kharif seed storage scientific methods to protect seed quality and germination Published on: 05 October 2026, 11:01 AM IST

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