आज के समय में कृषि क्षेत्र में पढ़ाई कर रहे युवाओं को यह डर सताता है कि इस क्षेत्र में पढ़ाई कर क्या उन्हें नौकरी मिल पाएंगी या नहीं. इसी के चलते यूपी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है कि राज्य में कृषि क्षेत्र में पढ़ाई कर चुके युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए एग्री जंक्शन योजना (Agri Junction Scheme) के तहत उन्हें अपना कृषि सेवा केंद्र (Agri Junction Centre) खोलने का अवसर दिया जाएगा और भारी सब्सिडी भी प्रदान करेंगी.
क्या है एग्री जंक्शन योजना?
एग्री जंक्शन योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2022-23 में की गई थी. योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में शिक्षित युवाओं को उद्यमी बनाना और किसानों तक एक ही स्थान पर सभी जरूरी कृषि सुविधाएं पहुंचाना है.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 की शुरुआत से अब तक राज्य में 6,608 से अधिक एग्री जंक्शन केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं. सरकार ने वर्ष 2027 तक 10,000 कृषि केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा है. साथ ही इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक, कीटनाशक, जैविक उत्पाद, मिट्टी परीक्षण, कृषि विशेषज्ञों की सलाह, कृषि उपकरण किराये पर उपलब्ध कराने के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी एक ही स्थान पर मिलेगी.
एग्री जंक्शन योजना से क्या फायदा होगा?
इस योजना का सबसे बड़ा उद्देश्य खेती की पढ़ाई करने वाले युवाओं को नौकरी खोजने के बजाय स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित करना है. एग्री जंक्शन केंद्र संचालित करने वाले युवा गांवों में कृषि सलाहकार और सेवा प्रदाता की भूमिका निभाएंगे.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित यह योजना किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और वैज्ञानिक खेती को गांव-गांव तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है.
योजना के तहत क्या-क्या मिलेगा?
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5 लाख रुपये तक का बैंक लोन.
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60,000 रुपये तक की सरकारी सब्सिडी.
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कृषि केंद्र संचालन के लिए मुफ्त प्रशिक्षण.
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आवश्यक लाइसेंस एवं तकनीकी मार्गदर्शन.
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आधुनिक कृषि सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए संस्थागत सहयोग.
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स्वरोजगार शुरू करने का अवसर.
कौन कर सकता है आवेदन?
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आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए.
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बीएससी एग्रीकल्चर, कृषि डिप्लोमा या कृषि एवं संबद्ध विषय जैसे बागवानी, पशुपालन, डेयरी आदि में स्नातक या डिप्लोमा होना आवश्यक है.
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शैक्षणिक संस्थान ICAR या UGC से मान्यता प्राप्त होना चाहिए.
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अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित है.
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अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला अभ्यर्थियों को आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट मिलेगी.
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आवेदक बेरोजगार होना चाहिए.
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कम से कम तीन वर्षों तक एग्री जंक्शन केंद्र संचालित करने का शपथ पत्र देना होगा.
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स्थानीय अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी.
आवेदन की प्रक्रिया
इच्छुक अभ्यर्थी कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट agriculture.up.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है. सबसे पहले कृषि विभाग के पोर्टल पर जाकर नया पंजीकरण (Sign Up) करना होगा. इसके बाद व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता, बैंक खाते का विवरण और अन्य जरूरी जानकारी भरनी होगी. सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन पत्र को अंतिम रूप से जमा किया जा सकता है.
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
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आधार कार्ड
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निवास प्रमाण पत्र
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कृषि संबंधी शैक्षणिक प्रमाण पत्र
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पासपोर्ट साइज फोटो
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मोबाइल नंबर
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ईमेल आईडी
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बैंक पासबुक
ऐसे होगा चयन
योजना के तहत प्राप्त सभी आवेदनों की पहले जिला स्तर पर जांच की जाएगी. पात्र अभ्यर्थियों का चयन होने के बाद उन्हें कृषि केंद्र संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद बैंक लोन, सरकारी सब्सिडी और अन्य सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे अपना एग्री जंक्शन केंद्र शुरू कर सकें.
लेखक: रवीना सिंह
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