प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर और समृद्ध किसान' के विजन को धरातल पर तेजी से उतारते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को पांच राज्यों- उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और त्रिपुरा के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत घटाने और कृषि में आधुनिक तकनीकों के विस्तार के लिए 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना' (PM-RKVY) तथा 'कृषोन्नति योजना' (KY) के तहत कुल 1,283.11 करोड़ रुपए की द्वितीय मदर सैंक्शन जारी करने की मंजूरी दी.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसान हमारे देश की आत्मा और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. केंद्र सरकार और राज्य सरकारें मिलकर 'टीम इंडिया' के रूप में काम कर रही हैं ताकि हर खेत तक पानी, उन्नत बीज, यंत्रीकरण और आधुनिक डिजिटल सुविधाएं पहुंच सकें. उन्होंने राज्यों द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन और फंड के सदुपयोग पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों के हित में किसी भी संसाधन या वित्तीय मदद की कमी नहीं आने दी जाएगी. बैठक में भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव अतीश चंद्रा सहित संबंधित राज्यों के कृषि मंत्री और वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे.
राज्यों को जारी द्वितीय मदर सैंक्शन का विवरण
आंध्र प्रदेश (409.40 करोड़ रुपए): आंध्र प्रदेश को PM-RKVY के तहत 296.09 करोड़ रुपए और कृषोन्नति योजना के तहत 113.31 करोड़ रुपए, कुल 409.40 करोड़ रुपए की दूसरी किस्त मंजूर की गई. बैठक में राज्य के कृषि मंत्री किंजरापु अच्चेन्नायडू उपस्थित रहे. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने राज्य में 'प्रति बूंद अधिक फसल' (PDMC) और कृषि यंत्रीकरण में बेहतरीन प्रदर्शन की सराहना की.
तमिलनाडु (355.88 करोड़ रुपए): तमिलनाडु को कुल 355.88 करोड़ रुपए (PM-RKVY: 251.79 करोड़ रुपए, कृषोन्नति योजना: 104.09 करोड़ रुपए) की राशि जारी की गई. बैठक में तमिलनाडु के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री थिरु. आर. विनोथ शामिल हुए. राज्य में सूक्ष्म सिंचाई और तिलहन उत्पादन (NMEO-Oilseeds) के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को रेखांकित किया गया.
ओडिशा (219.65 करोड़ रुपए): ओडिशा के लिए 219.65 करोड़ रुपए (PM-RKVY: 117.94 करोड़ रुपए, कृषोन्नति योजना: 101.71 करोड़ रुपए) की स्वीकृति दी गई.समीक्षा बैठक में ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने भाग लिया. राज्य द्वारा कृषि यंत्रीकरण (SMAM) और कृषि विस्तार में फंड के प्रभावी उपयोग को सराहा गया.
उत्तराखंड (106.67 करोड़ रुपए): पहाड़ी राज्य उत्तराखंड को कृषि अधोसंरचना और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 106.67 करोड़ रुपए (PM-RKVY: 65.78 करोड़ रुपए, कृषोन्नति योजना: 40.89 करोड़ रुपए) जारी किए गए. बैठक में उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी उपस्थित रहे. राज्य ने परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) और बागवानी (MIDH) में उल्लेखनीय प्रगति साझा की.
त्रिपुरा (91.51 करोड़ रुपए): पूर्वोत्तर के विकास को प्राथमिकता देते हुए त्रिपुरा के लिए 91.51 करोड़ रुपए (PM-RKVY: 36.51 करोड़ रुपए, कृषोन्नति योजना: 55.00 करोड़ रुपए) की राशि मंजूर की गई, जिससे राज्य में बांस मिशन, ऑयल पाम और कृषि यंत्रीकरण को मजबूती मिलेगी.
किसानों को सीधे मिलेगा लाभ
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह द्वारा दी गई इस वित्तीय स्वीकृति से राज्यों में सूक्ष्म सिंचाई (Per Drop More Crop), पानी की बचत और पैदावार में वृद्धि के साथ ही कृषि यंत्रीकरण (SMAM) के अंतर्गत छोटे किसानों को आधुनिक यंत्रों पर सब्सिडी मिलेगी.डिजिटल एग्रीकल्चर व सॉइल हेल्थ: मिट्टी की जांच और पारदर्शी डिजिटल सेवाएं. दलहन, तिलहन व बागवानी मिशन: फसलों के विविधीकरण से किसानों की जेब में अधिक मुनाफा सुनिश्चित होगा.
केंद्रीय मंत्री चौहान ने सभी राज्यों से आग्रह किया कि वे इस धनराशि को तेजी से धरातल पर उतारें ताकि प्रत्येक पात्र अन्नदाता तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंच सके.
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