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किसानों के लिए काम की ख़बर, बदल गई गेहूं बेचने की पूरी प्रक्रिया

सचिन कुमार
सचिन कुमार

wheat purchase

अपनी इस खास रिपोर्ट में हम जिस खबर से अपने किसान भाइयों को रूबरू कराने जा रहे हैं, वो सभी के लिए बहुत काम की है. विदित है कि किसानों को हर काम करने के लिए एक प्रक्रिया तय की गई है. किसानों को किसी भी काम को करने के लिए उस प्रक्रिया से होकर गुजरना होता है, लेकिन समय-समय पर इन प्रक्रियाओं में बदलाव किए जाते हैं, लिहाजा हम आपको अपनी इस खास रिपोर्ट में एक ऐसी ही प्रक्रिया से रूबरू कराने जा रहे हैं, जिसमें अभी हाल ही में बदलाव किए गए हैं.

क्या हुआ नया बदलाव?

यहां हम आपको बताते चले कि अब हमारे किसान भाइयों को क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने पर ई-मशीन से एक रसीद भी प्राप्त होगी और इसे अधिक पुख्ता करने के लिए मोबाइल पर मैसेज भी आएगा. इस रसीद में गेहूं का पूरा ब्यौरा लिखा रहेगा, जिसमें उसके तौल से लेकर उसके माप तक के बारे में जानकारी रहेगी. वहीं, अगर बिना गेहूं बेचे आपको मोबाइल पर मैसेज आता है, तो आप इसकी शिकायत खाद विपणन अधिकारी से कर सकते हैं. उधर, जब आप शिकायत कर देंगे तो आपको मैसेज भेजा जाएगा.

कैसे होगी गेहूं की खरीद?

इसके साथ ही गेहूं की खरीद के लिए ई-पोप मशीन का इस्तेमाल किया जाएगा. जैसे ही हमारे किसान भाई ई-पोप मशीन पर अगूंठा लगा देंगे तो उनके मोबाइल फोन पर मैसेज आएगा, जो कि इस बात का सुबूत होगा कि गेहूं की खरीद हो चुकी है. हालांकि, अभी शिकायत के लिए नंबर का तय होना बाकी है.

क्यों लाई गई यह व्यवस्था

अब आपके जेहन में यह सवाल उठ रहा होगा कि आखिर इस व्यवस्था को क्यों लाया गया है?  दरअसल, पारदर्शियता को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था को  अमलीजामा पहनाने की कवायद जारी है, चूंकि कई मौकों पर ऐसा देखा गया है कि किसानों के हक को बिचौलिएं अपनी झोली  में डाल ले रहे हैं, जिसको ध्यान में रखते हुए अब इस प्रक्रिया को जन्म दिया गया है. फिलहाल, अब तो यह आने वाला वक्त ही  बताएगा कि आखिर यह व्यवस्था किसानों के लिए कितनी लाभकारी साबित हो पा रही है.

क्या कहते हैं खाद विपणन अधिकारी

वहीं, इस संदर्भ में विस्तृत जानकारी देते हुए खाद विपणन अधिकारी कहते हैं कि इससे किसानों के हित महफूज रहेंगे. इस व्यवस्था को इसलिए लाया गया है ताकि किसानों को दगा न दिया जा सके. उनके साथ हो रही हेराफेरी पर रोक लगाई जा सके. 

जारी हुई क्रय नीति

यहां हम आपको बताते चले कि सरकार की तरफ से किसानों के लिए क्रय नीति तैयार होकर जारी हो चुकी है. अपनी इस नई नीति के तहत अंतिम तिथि तक किसान क्रय केंद्रों पर गेहूं बेच सकेंगे. इस नई नीति के तहत गेहूं क्रय का कोई लक्ष्य तय नहीं किया गया है. बता दें कि एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होगी, जो 15 जून तक जारी रहेगी.

English Summary: important news for farmers regarded to wheat

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