330 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जाएगा

रबी विपणन सीजन 2017-18 के दौरान 330 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जाएगा

भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग में सचिव सुश्री प्रीति सूडान की अध्यक्षता में राज्यों के खाद्य सचिवों का सम्मेलन यहां आयोजित किया गया, जिसमें गेहूं उत्पादन की संभावनाओं और रबी विपणन सीजन (आरएमएस) 2017-18 के दौरान गेहूं खरीद के अनुमान पर चर्चाएं की गईं।

राज्यों के साथ सलाह-मशविरा करके आरएमएस 2017-18 के दौरान 330 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का निर्णय लिया गया, जो पिछले सीजन के दौरान की गई वास्तविक खरीद (229.61 लाख मीट्रिक टन) की तुलना में काफी अधिक है।    

आरएमएस 2017-18 के दौरान गेहूं खरीद के अनुमान का राज्यवार ब्यौरा कुछ इस तरह से हैः

 

क्र.सं.

राज्य

गेहूं खरीद का अनुमान

(लाख मीट्रिक टन) 

1.

 पंजाब

115.00

2.

 हरियाणा

75.00

3.

 मध्य प्रदेश

85.00

4.

 उत्तर प्रदेश

30.00

5.

 राजस्थान

17.50

6.

 बिहार

5.00

7.

 उत्तराखंड

1.50

8.

 गुजरात

0.50

9.

 अन्य राज्य

0.50

                       कुल

330.00

 सम्मेलन के दौरान विभिन्न राज्यों के लिए रबी/सर्दियों/खरीफ विपणन सीजन 2016-17 की गर्मियों वाली फसल के तहत उपजाए गये धान की खरीद का अनुमान भी चावल के संदर्भ में लगाया गया। इसके तहत 50 लाख मीट्रिक टन की खरीद का अनुमान लगाया गया है, जिसके लिए राज्यवार ब्यौरा नीचे दिया गया है। यह अनुमान केएमएस 2016-17 के लिए धान की खरीफ फसल हेतु निर्धारित किये गये 330 लाख मीट्रिक टन के अनुमान के अलावा है। केएमएस 2016-17 के लिए धान की खरीफ फसल हेतु खरीद संबंधी कार्य अभी जारी हैं। 15 फरवरी 2017 तक के लिए दी गई सूचना के मुताबिक, चावल के संदर्भ में केएमएस 2016-17 के दौरान धान की खरीद 292.31 लाख मीट्रिक टन के आंकड़े को छू चुकी है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि अर्थात केएमएस 2015-16 के दौरान खरीदे गये 264.53 लाख मीट्रिक टन धान की तुलना में लगभग 28 लाख मीट्रिक टन ज्यादा है। 

 केएमएस 2016-17 में सर्दियों/गर्मियों वाली फसल के लिए चावल के संदर्भ में धान खरीद के अनुमान कुछ इस तरह से हैं-   

 

 क्र.सं.

 राज्य

चावल के संदर्भ में धान खरीद का अनुमान (लाख मीट्रिक टन)

 

1.

 आन्ध्र प्रदेश

13.00

2.

 तेलंगाना

15.00

3.

 ओडिशा

7.00

4.

 तमिलनाडु

5.00

5.

 केरल

1.00

6.

 पश्चिम बंगाल

8.00

7.

 असम

0.25

8.

 महाराष्ट्र

0.75

                    कुल

50.00

सूत्र : पीआईबी 

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