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Goat Farming Subsidy: बकरी पालन शुरू करने का शानदार मौका, सरकार दे रही सब्सिडी के साथ 5 साल तक बीमा और चारा सहायता

Goat Farming: आज के समय में किसानों को खेती करने के साथ ऐसे छोटे व्यवसाय की आवश्यकता होती है, जिसकी मदद से वह अपनी इनकम को डबल कर सकें. इसी दिशा में मध्य प्रदेश सरकार बकरी पालन पर दे रही है 60% तक सब्सिडी, ताकि किसान बकरी पालन कर अपनी आय में इजाफा कर सकें.

KJ Staff
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बकरी पालन शुरू करने का शानदार मौका, सरकार दे रही सब्सिडी के साथ 5 साल तक बीमा (Image Source-AI generate)

किसान खेती करने के साथ पशुपालन की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. इनमें बकरी पालन ऐसा व्यवसाय है, जिसे किसान कम निवेश में आसानी से शुरु कर सकते हैं. यही कारण है कि महिला स्वयं सहायता समूह तेजी से इस बिजनेस की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं. ऐसे में मध्य प्रदेश सरकार 'बकरी इकाई प्रदाय योजना' संचालित कर रही है, जिसके तहत किसानों को भारी अनुदान का लाभ दिया जा रहा है.

बकरी इकाई प्रदाय योजना क्या है?

मध्य प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ना और पशुपालन को लाभदायक व्यवसाय के रूप में विकसित करना है. योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थी को एक इकाई के रूप में 10 मादा बकरियां और 1 नर बकरा उपलब्ध कराया जाता है. इसके अलावा पशुओं का बीमा, चारा सहायता और तकनीकी सहयोग भी दिया जाता है, ताकि पशुपालक बिना आर्थिक दबाव के अपना व्यवसाय शुरू कर सके.

योजना में क्या-क्या मिलेगा?

बकरी इकाई प्रदाय योजना के तहत लाभार्थियों को केवल पशु ही नहीं, बल्कि व्यवसाय को सफल बनाने के लिए कई अन्य सुविधाएं भी दी जाती हैं. इनमें शामिल हैं-

  • 10 मादा बकरियां एवं 1 नर बकरा

  •  5 वर्षों तक पशुओं का बीमा

  •  शुरुआती 3 माह के लिए चारा सहायता

  •  40% से 60% तक सरकारी सब्सिडी

  •  पशुपालन संबंधी प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन

  •  पशु चिकित्सकीय सहायता

कितनी है इकाई की लागत और सब्सिडी?

सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार एक बकरी पालन इकाई की कुल लागत 77,456 रुपये तय की गई है. इस लागत पर पात्रता के अनुसार अनुदान दिया जाता है.

  • अनुसूचित जाति (SC) – 60% सब्सिडी

  • अनुसूचित जनजाति (ST) – 60% सब्सिडी

  • अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) – 40% सब्सिडी

  • सामान्य वर्ग – 40% सब्सिडी

इस व्यवस्था के तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लाभार्थियों को अधिक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है.

बीमा कवर कितने साल तक मिलेगा?

पशुपालन में बीमारी या दुर्घटना के कारण पशुओं की मृत्यु का जोखिम बना रहता है. इसी को ध्यान में रखते हुए योजना के तहत उपलब्ध कराई गई बकरियों का 5 वर्षों तक बीमा कराया जाता है. इससे किसी अप्रत्याशित नुकसान की स्थिति में पशुपालक को आर्थिक सुरक्षा मिलती है और उसका व्यवसाय प्रभावित नहीं होता.

किन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ?

इस योजना का लाभ मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र आवेदकों को दिया जाता है. इनमें-

  • किसान

  • पशुपालक

  • बेरोजगार युवा

  • महिला स्वयं सहायता समूह

  • छोटे एवं सीमांत किसान

  • ग्रामीण परिवार

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

  •  आधार कार्ड

  •  निवास प्रमाण पत्र

  •  बैंक पासबुक

  •  जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

  •  पासपोर्ट आकार का फोटो

  •  मोबाइल नंबर

  •  प्रोजेक्ट रिपोर्ट

कैसे करें आवेदन?

इच्छुक लाभार्थी अपने जिले के पशुपालन एवं डेयरी विभाग या नजदीकी पशु चिकित्सालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं. आवेदन पत्र भरने के बाद आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं. विभाग द्वारा सत्यापन और चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र आवेदकों को योजना का लाभ दिया जाता है.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Goat Farming Subsidy Scheme Government Insurance Fodder Support 5 years Published on: 30 June 2026, 06:33 PM IST

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