1. Home
  2. ख़बरें

किसानों की सिंचाई क्रांति को नई रफ्तार, 19.85 करोड़ की जलछाजन योजना पर बड़ा एक्शन

जलछाजन विकास योजना की समीक्षा में कृषि विभाग का कड़ा रुख, समय पर बीज वितरण, जल संरक्षण और सिंचाई परियोजनाओं को गति देने पर जोर, WDC-PMKSY 3.0 की तैयारी शुरू—स्वीकृति प्रक्रिया में लंबित योजनाओं को शीघ्र पूरा करने का निर्देश

KJ Staff
WDC-PMKSY 2.0
WDC-PMKSY 2.0

बिहार कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा और कृषि विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में जलछाजन विकास घटक-प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (WDC-PMKSY 2.0) की प्रगति और क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई. बैठक में योजनाओं के प्रभावी संचालन, वित्तीय राशि के समयबद्ध उपयोग तथा किसानों तक योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया.

समीक्षा के दौरान निर्देश दिया गया कि किसानों की आवश्यकताओं और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कार्ययोजनाएं तैयार की जाएं. साथ ही सिंचाई एवं जल संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं को अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र स्वीकृति और क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को योजनाओं का वास्तविक लाभ समय पर मिल सके.

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि कृषि क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और जलछाजन विकास के माध्यम से कृषि उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सरकार की प्राथमिक प्राथमिकताओं में शामिल है. बीज वितरण व्यवस्था को समय से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, ताकि बुआई के मौसम में किसानों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो.

अधिकारियों ने जानकारी दी कि WDC-PMKSY 2.0 योजना वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक स्वीकृत थी, जिसे भारत सरकार द्वारा सितंबर 2026 तक विस्तारित किया गया है. इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 19.85 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है.

हालांकि, इस राशि के उपयोग के लिए वार्षिक कार्ययोजना को स्टेट लेवल सैंक्शनिंग कमेटी (SLSC) से स्वीकृति आवश्यक है, जो अभी लंबित है. इस कारण योजना के क्रियान्वयन और व्यय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है. अधिकारियों ने बताया कि 7 मई 2026 को विकास आयुक्त की अध्यक्षता में बैठक हुई थी, लेकिन स्वीकृति पर निर्णय अभी तक नहीं हो सका है.

समीक्षा में यह भी कहा गया कि भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई राशि का शीघ्र और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि योजना की वित्तीय प्रगति बाधित न हो. इस पर तत्काल कार्रवाई कर लंबित स्वीकृति प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए गए.

बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि योजना के प्रभावी संचालन के लिए राज्य में 72 कृषि अभियंता, 38 सहायक निदेशक (शस्य) और 46 प्रखंड भूमि संरक्षण पदाधिकारी कार्यरत हैं, जो भूमि एवं जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण के साथ किसानों को तकनीकी सहायता उपलब्ध करा रहे हैं.

अंत में भविष्य की तैयारियों के तहत WDC-PMKSY 3.0 की स्वीकृति प्रक्रिया और कार्ययोजना को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया. अधिकारियों ने कहा कि जल संरक्षण, सिंचाई विस्तार और ग्रामीण आजीविका संवर्द्धन के माध्यम से कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है और विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी.

English Summary: Bihar reviews WDC-PMKSY 2.0 progress focus on water conservation and-farm irrigation Published on: 23 June 2026, 02:03 PM IST

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News