बिहार कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय द्वारा बामेती परिसर, पटना में आयोजित तीन दिवसीय “आम महोत्सव-2026” का भव्य शुभारंभ हुआ. इस अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलों से आए किसान, बागवान, कृषि वैज्ञानिक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम प्रेमी मौजूद रहे. महोत्सव का मुख्य उद्देश्य बिहार की समृद्ध आम उत्पादन परंपरा को बढ़ावा देना, किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और राज्य के फलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है और वैश्विक उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी लगभग 40 से 45 प्रतिशत है. उन्होंने बिहार के जर्दालु आम, दीघा का दूधिया मालदह, उत्तर प्रदेश के दशहरी और लंगड़ा जैसे आमों की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार का जर्दालु आम GI टैग प्राप्त कर राज्य की कृषि गुणवत्ता का प्रतीक बन चुका है.
उन्होंने कहा कि बिहार अब केवल आम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शाही लीची, मगही पान, कतरनी चावल, मखाना और मर्चा धान जैसे उत्पादों के माध्यम से वैश्विक कृषि बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कर रहा है. राज्य सरकार इन उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय ब्रांड के रूप में स्थापित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है.
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार कृषि उत्पाद निर्यात नीति लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है. निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एपीडा कार्यालय पहले ही राज्य में स्थापित किया जा चुका है, जबकि बिहटा स्थित एक्सपोर्ट पैक हाउस को आवश्यक लाइसेंस और क्लीयरेंस मिलने के बाद निर्यात कार्य शुरू हो चुका है.
उन्होंने जानकारी दी कि 12 जून को बिहार से 19 मीट्रिक टन जर्दालु, बम्बइया और दूधिया मालदह आम के दो कंटेनर दुबई भेजे गए हैं. इसके अलावा बांका जिले से 8.5 मीट्रिक टन आम का निर्यात अमेरिका किया गया है, जबकि 10 मीट्रिक टन लीची भी दुबई भेजी जा चुकी है. वैज्ञानिक तकनीक के जरिए लीची को 45 दिनों तक सुरक्षित रखने की क्षमता विकसित की गई है, जिससे निर्यात की संभावनाएं और बढ़ गई हैं.
महोत्सव में इस बार पहली बार कीट एवं रोग प्रबंधन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक का लाइव प्रदर्शन किया जा रहा है, जिससे किसान फसलों में रोगों की पहचान कर समय पर उपचार कर सकें. साथ ही किसानों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने और बिचौलियों की भूमिका खत्म करने की दिशा में भी नीति तैयार की जा रही है.
कार्यक्रम में बताया गया कि बिहार (Bihar) के फल उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं. बागवानी को “एटीएम” की संज्ञा देते हुए कहा गया कि यह किसानों के लिए सालभर आय का मजबूत स्रोत बन सकता है.
महोत्सव में विभिन्न आम किस्मों की प्रदर्शनी के साथ-साथ बच्चों के लिए आम खाने की प्रतियोगिता, युवाओं के लिए ज्ञानवर्धक कार्यक्रम और किसानों के लिए आधुनिक तकनीकी प्रदर्शन भी आयोजित किए गए.
कार्यक्रम में फुलवारी शरीफ के विधायक श्याम रजक, बिहार किसान आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण मेहता, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, विशेष सचिव वीरेंद्र प्रसाद यादव, कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव, उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार सहित कई अधिकारी एवं कृषि विशेषज्ञ उपस्थित रहे. बड़ी संख्या में आए किसानों और आम नागरिकों ने महोत्सव को उत्सवपूर्ण माहौल प्रदान किया.
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