Machinery

इस लेख में मल्चर की पूरी जानकारी दी गई है, किसानों के लिए जरूरी

क्या है मल्चर? मल्चर एक कृषि यंत्र है जो कि ट्रैक्टर के साथ जोड़कर खेतों में चलाया जाता है. ये खास यंत्र बाग, बगीचों और धान, पलवार घास और झाड़ियों को काटने के लिए एक तरह का बेहद ही सरल और विश्वसनीय उपकरण है. इस यंत्र की सबसे खास बात यह है कि ये उपकरण मिट्टी की उर्वरता को भी बनाए रखने में मदद करता है. ये विशेष प्रकार का कतरनी यंत्र है जो कि 50 हॉर्स पावर के डबल क्लचर वाले ट्रैक्टर के पीछे लगाकर चलाया जाता है. यह फसलों के अवशेषों को बरीकियों से काटने में काफी मदद करता है. 

जानें मल्चर की उपयोगिता

मल्चर कृषि यंत्र की उपयोगिता के बारे में अगर हम बात करें तो ये पुआल व डंठलों को काटने में काफी सहायक होता है. ये हरा चारा काटने, केले की फसल को काटने, सब्जियों के अवशेषों को छोटे टुकड़ों में काटने के अलावा ऊंची घास व छोटी झाड़ियों को काटने में भी इस्तेमाल किया जाता है.

1. ये बरीकी से काटने में काफी ज्यादा सक्षम होता है.

2. कटाई के लिए बेहद ही ज्यादा कार्यशाली चैंबर भी माना जाता है.

3. यह मशीन कतरने के लिए बेहद ही ज्यादा गुणवत्ता वाली मानी जाती है.

4. गन्ने की कटाई में काफी उपयोगी है.

5. ये जड़ समेत ही खर पतवार को समतल बना देती है और बुरादा बना देती है.

6. अवशेष जलाने से मुक्ति पर्यावरण प्रदूषण में मिलती है राहत.

भारत में मल्चर की कीमत

यदि हम मल्चर यंत्र की कीमत के बारे में बात करें तो भारत में मल्चर बेचने वाली कई कंपनियां हैं जो अलग-अलग प्रकार के मल्चर का निर्माण करती हैं -

कंपनी के नाम                  अन्य जानकारी

महिंद्रा एंड महिंद्रा          वजन- 608 कि.ग्रा.

                              पॉवर- 55- 90 एचपी

                              मूल्य- 2.75 लाख

 

शक्तिमान रोटरी मल्चर    वजन- 523 कि.ग्रा.

                              पॉवर- 45-80 एच.पी.

                              मूल्य- 1.47 लाख

                             स्टैटर्ड इनपुट आरपीएम 540

                              ट्रंसमिशन- 4nos. BX 54 belts

स्ट्रॉ मल्चर                   वजन- अनुमानित 550 कि.ग्रा.

                              (ब्रांड खालसा)

                              पॉवर- 55-90 एच.पी.

                              मूल्य- 1.46 लाख़

 

महिंद्रा मल्चर की ख़ासियत

इसकी खास बात यह है कि ये विशेष रूप से फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए बनाया गया है. ये 55 से 90 एचपी के साथ काफी बेहतर कार्य करता है. 1800 आरपीएम पर मल्च करता है. इसको जब ट्रैक्टर से अटैच किया जाता है तो ये आसान और काफी बेहतर कवरेज देता है. महिंद्रा मल्चर की दूसरी सबसे खास बात है कि ये एक बार में तीन तरह के संचालन कार्य कर देता है जैसे कटिंग, चॉपिंग, मिट्टी के साथ मिश्रण. अफसेट के साथ सेंटर माउटेन्ड के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है.

मल्चर की कीमत पर कैसे प्राप्त करें सब्सिडी

चूंकि कृषि यंत्र चाहे वह मल्चर हो, पावर टिलर हो, थ्रेसर हो आदि सभी काफी मंहगे आते हैं ऐसे में ये किसानों के लिए काफी ज्यादा मुश्किल हो जाता है कि वे इस यंत्र को किफायती दरों पर कैसे खरीदें. इसको सरल बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कई बार कृषि यंत्रों पर विशेष रूप से राहत हेतु सब्सिडी को प्रदान करती है जो कि अलग-अलग यंत्रों पर अलग कैटेगरी के मुताबिक होती है. यदि कोई भी किसान कोई कृषि यंत्र खरीदना चाहता है तो उसको चाहिए कि वह सबसे पहले आसपास के कृषि केंद्र पर जाकर अनुदान के बारे में अपने जिले या फिर ब्लॉक स्तर पर कार्यालय में जाकर जानकारी को प्राप्त करें.

किससे करें संपर्क-

सबसे बड़ी समस्या किसानों की यह है कि इस कृषि यंत्रों को खरीदने के लिए आखिर किससे संपर्क किया जाए ताकि वह इन यंत्रों के बारे में पूरी तरह से जानकारी आसानी से दे सकें. यदि किसी भी किसान को कृषि यंत्र के बारे में पूरी जानकारी चाहिए तो वह कंपनी की बेवसाइट पर जाकर आनलाइन उस प्रोडक्ट के बारें में जानकारी को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं. जैसे आप अगर महिंद्रा एंड महिंद्रा, शाक्तिमान रोटरी मल्चर आदि के पोर्टल पर जाएंगे तो आप इन यंत्रों के बारे में आसानी से पूरी जानकारी को प्राप्त कर सकते हैं.

कहां से प्राप्त करें कृषि यंत्र-

आजकल खेती के लिए कई तरह के नए-नए यंत्रों का उपयोग कर रहे हैं. ऐसे में ये जानना सबसे ज्यादा जरूरी हो जाता है कि इन महत्वपूर्ण कृषि यंत्र को कहां से प्राप्त किया जा सकता है. तो हम बता दें कि किसी भी किसान को ज्यादा परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है. वह किसी भी कृषि यंत्र बेचने वाली कंपनी के डीलरों से आसानी से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा, शाक्तिमान आदि जैसी कंपिनयों के माध्यम से खरीद भी सकते हैं.

किशन अग्रवाल, कृषि जागरण



Share your comments


Subscribe to newsletter

Sign up with your email to get updates about the most important stories directly into your inbox

Just in