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Shankhpushpi: शंखपुष्पी की कैसे करें खेती और जानें इसका उपयोग

शंखपुष्पी की खेती नम वाले इलाकों में की जाती है. इसका उपयोग औषधि बनाने के लिए किया जाता है.

रवींद्र यादव
Shankhpushpi
Shankhpushpi

Shankhpushpi: शंखपुष्पी पौधा भारत में पश्चिमी घाट, पूर्वी घाट, हिमालय और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में उगता है. यह अपने छोटे, पीले और चमकीले नीले रंग और आयताकार आकार पत्तों के लिए जाना जाता है. शंखपुष्पी एक कम जगह पर फैलने वाला पौधा है, जो आमतौर पर 6-12 इंच की ऊंचाई का होता है.  यह पौधा एल्कलॉइड, फ्लेवोनोइड, सैपोनिन और टैनिन जैसे लाभकारी पोषक तत्वों से भरपूर होता है. ये पदार्थ शंखपुष्पी के पौधे को एक एंटीऑक्सीडेंट गुण प्रदान करते हैं, जो हमारे शरीर को हानिकारक बीमारियों से बचाता है.

शंखपुष्पी के पौधे उगाने का तरीका

सूरज की रोशनी

शंखपुष्पी के पौधे सूर्य से आंशिक छाया के संपर्क में आने पर फलते-फूलते हैं. इसकी वृद्धि और पुष्पन को बढ़ावा देने के लिए इसे प्रतिदिन कम से कम 4 से 6 घंटे सीधी धूप की जरूरत होती है. शंखपुष्पी गर्मी के दिनों में हल्की छाया भी सहन कर सकती है.

मिट्टी

शंखपुष्पी के लिए अच्छी जल निकासी वाली और कार्बनिक पदार्थों से समृद्ध मिट्टी की जरूरत होती है. यह दोमट, रेत और खाद के मिश्रण युक्त मिट्टी में बेहतर उगता है. इसके लिए मिट्टी की नमी बरकरार रखना होता है और यह 6.0 से 7.0 पीएच की अम्लीय मृदा में अच्छा विकास कर पाता है.

पानी 

इसके लिए मिट्टी की नमी को स्थिर रखने के लिए पानी की जरूरत होती है. जब मिट्टी की ऊपरी परत सूख जाए तो पौधे को जरुर पानी दें. तेज़ गर्मी और शुष्कता की अवधि में मिट्टी को पूरी तरह सूखने से बचाने के लिए पानी देने की आवृत्ति बढ़ा दें.

तापमान

शंखपुष्पी गर्म तापमान में पनपती है जो आमतौर पर 22°C और 32°C के बीच होता है. हालाँकि यह उच्च तापमान को सहन कर सकती है, लेकिन असाधारण रूप से तीव्र गर्मी की लहरों के दौरान इसे अतिरिक्त सुरक्षा की भी जरुरत होती है.

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कीट और रोग

शंखपुष्पी आमतौर पर कीटों और बीमारियों के प्रति प्रतिरोधी होती है, लेकिन एफिड्स, मकड़ी और ख़स्ता फफूंदी कभी-कभी चिंता का विषय बन सकते हैं. ऐसे में पौधे की देखभाल लगातार करते रहें और यदि समस्या उत्पन्न हो तो इसके लिए जैविक कीटनाशकों या फफूंदनाशकों का उपयोग कर सकते हैं.

शंखपुष्पी का उपयोग

शंखपुष्पी  को उच्च रक्तचाप, तनाव और अवसाद की स्थिति में भी उपयोग किया जाता है. इसके साथ ही शंखपुष्पी खून में कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी मदद करता है. इसे सौदंर्य प्रसाधन में भी इस्तेमाल किया जाता है. यह हमारे त्वचा को पोषण देने में मदद करता है और इसकी सुंदरता को भी बढ़ाता है.  

English Summary: Cultivation of Shankhpushpi and its benefits Published on: 22 September 2023, 04:41 PM IST

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