दुनिया की सबसे बड़ी ट्रैक्टर निर्माता और प्रमुख कृषि उपकरण निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा ने आज नए मैक्ससीडर का वाणिज्यिक उत्पादन और आपूर्ति शुरू करने की घोषणा की. यह प्रिसीजन ‘जीरो-टिल’ मल्टी-क्रॉप सीडिंग मशीन कनाडा की क्लीन सीड टेक्नोलॉजीज से लाइसेंस लेकर तैयार की गई है.
मैक्ससीडर एक अभिनव जीरो-टिल मल्टी-क्रॉप सीडिंग मशीन है, जिसे धान, गेहूं, सोयाबीन, मक्का और कपास समेत विभिन्न फसलों की बुवाई के लिए डिजाइन किया गया है. इसकी जीरो-टिल तकनीक के जरिए किसान धान की पराली को हटाए या जलाए बिना सीधे उसके अवशेषों के बीच बुवाई कर सकते हैं. इसकी पेटेंट तकनीक उर्वरक के इस्तेमाल और बीज की बर्बादी को कम करने में मदद करती है. इससे कृषि संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल और किसानों की लाभप्रदता बढ़ाने में मदद मिलती है. इसके अलावा, मैक्ससीडर पानी के संरक्षण में भी सहायक है और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करने में योगदान देता है.
महिंद्रा और क्लीन सीड टेक्नोलॉजीज की यह साझेदारी क्लीन सीड की उन्नत प्रिसीजन सीडिंग तकनीक को महिंद्रा की विश्वस्तरीय विनिर्माण क्षमता से जोड़ती है. इसका उद्देश्य भारत और वैश्विक बाजारों में किसानों के लिए आधुनिक, टिकाऊ और किफायती कृषि मशीनीकरण समाधान उपलब्ध कराना है.
महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के फार्म इक्विपमेंट बिजनेस के अध्यक्ष विजय नाकरा ने कहा, “महिंद्रा को दुनिया भर के किसानों तक टिकाऊ मशीनीकरण समाधान पहुंचाने के लिए क्लीन सीड के साथ साझेदारी करने पर गर्व है. पेटेंट और अभिनव ‘जीरो-टिल’ मल्टी-क्रॉप सीडिंग मशीन मैक्ससीडर को महिंद्रा की विश्वस्तरीय विनिर्माण क्षमता के साथ जोड़ने से किसानों और पर्यावरण, दोनों को लाभ मिलेगा. यह साझेदारी क्लीन सीड के महिंद्रा की क्षमताओं में विश्वास और भारत तथा दुनियाभर में आधुनिक कृषि मशीनरी की पहुंच बढ़ाने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है.”
पंजाब और हरियाणा में किए गए फील्ड ट्रायल में मैक्ससीडर ने मिट्टी को न्यूनतम नुकसान पहुंचाते हुए भारी मात्रा में धान के अवशेषों के बीच प्रभावी ढंग से बीज बोने की क्षमता दिखाई. इससे कृषि संसाधनों की खपत कम हुई और पराली जलाने का टिकाऊ विकल्प उपलब्ध हुआ.
मैक्ससीडर का निर्माण मध्य प्रदेश के पीथमपुर स्थित महिंद्रा के विशेष कृषि मशीनरी संयंत्र में किया जा रहा है. इसे चरणबद्ध विस्तार रणनीति के तहत महिंद्रा फार्म इक्विपमेंट बिजनेस के डीलरशिप नेटवर्क के जरिए बाजार में उतारा जाएगा. शुरुआत पंजाब और हरियाणा से होगी, जिसके बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में किसानों की विविध जरूरतों के अनुरूप इसका विस्तार किया जाएगा.
क्लीन सीड कैपिटल ग्रुप के चेयरमैन एवं सीईओ ग्रेम लेम्प्रियर ने कहा, “हमारे स्मार्ट सीडर मिनी-मैक्स™ का महिंद्रा में उत्पादन शुरू होना गर्व का क्षण है. यह वर्षों के नवाचार, सहयोग और भारत तथा दुनियाभर के किसानों के लिए टिकाऊ बुवाई एवं रोपण समाधान उपलब्ध कराने के हमारे दृष्टिकोण का प्रमाण है. महिंद्रा के बड़े पैमाने और विनिर्माण क्षमताओं से मैं बेहद प्रभावित हूं. इस परियोजना के प्रति महिंद्रा की टीम की प्रतिबद्धता और उत्साह भी प्रेरणादायक है.”
इन खूबियों के साथ मैक्ससीडर लाभदायक, उत्पादक और टिकाऊ खेती के लिए एक प्रभावी समाधान उपलब्ध कराता है.
कम हॉर्सपावर वाले ट्रैक्टरों के साथ भी अनुकूल
ट्रैक्टर से खींचकर चलने वाली मैक्ससीडर मशीन को कम हॉर्सपावर वाले ट्रैक्टरों के साथ प्रभावी संचालन के लिए तैयार किया गया है. इसे 35 एचपी या उससे अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टर के साथ आसानी से संचालित किया जा सकता है. इससे अधिक हॉर्सपावर वाले ट्रैक्टर की जरूरत खत्म होती है और किसानों के लिए आधुनिक प्रिसीजन सीडिंग तकनीक अधिक सुलभ बनती है.
फसल के अनुरूप बुवाई की सुविधा
मैक्ससीडर में समायोज्य कतार दूरी, कई तरह के मीटरिंग कॉन्फिगरेशन और लचीली उत्पाद वितरण प्रणालियां दी गई हैं. इससे किसान अलग-अलग फसलों और खेती की परिस्थितियों के अनुसार मशीन को आसानी से अनुकूलित कर सकते हैं. इससे बीज और कृषि इनपुट को सही स्थान पर पहुंचाने के साथ मशीन की कार्यक्षमता और उपयोगिता बढ़ती है. खेत में आवश्यक संचालन की संख्या कम होने से लागत घटती है, दक्षता बढ़ती है और किसानों की लाभप्रदता में सुधार होता है.
अलग-अलग फसल पैटर्न के लिए तैयार
अनाज, दलहन, कपास और मक्का जैसी विभिन्न फसलों के लिए डिजाइन की गई मैक्ससीडर में पांच स्वतंत्र प्लांटिंग रो यूनिट्स हैं. इनमें अलग-अलग कतार विन्यास और समायोज्य कतार दूरी की सुविधा है. किसान फसल और खेत की परिस्थितियों के अनुसार बुवाई के पैटर्न को बदल सकते हैं. इससे बीज की सटीक बुवाई, बेहतर फसल स्थापना और मशीन का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने में मदद मिलती है.
उर्वरक की सटीक और उचित मात्रा में आपूर्ति
मशीन की इंटेलिजेंट इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ईसीयू) खेत की जरूरत के अनुसार बीज, डीएपी और यूरिया की मात्रा को सटीक रूप से नियंत्रित कर वितरित करती है. इसे ऑपरेटर के मोबाइल फोन पर उपलब्ध ऐप के जरिए भी नियंत्रित किया जा सकता है.
इसकी विशेष मल्टीफंक्शनल टाइन यूरिया को बीज की लाइन से करीब 1.5 इंच नीचे डालती है. इससे फसल को सही समय पर पोषक तत्व उपलब्ध होते हैं और उर्वरक की बर्बादी कम होती है. पोषक तत्वों की अधिक सटीक और समान आपूर्ति से उर्वरक उपयोग की दक्षता बढ़ती है, फसल को बेहतर पोषण मिलता है और पौधों की मजबूत स्थापना व स्वस्थ विकास में मदद मिलती है.
अधिक गति से बुवाई
मैक्ससीडर को खेत में उत्पादकता बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है. इसकी जीरो-टिल बुवाई तकनीक के कारण किसानों को खेत की तैयारी के लिए कई बार संचालन करने की जरूरत कम पड़ती है और बुवाई का काम तेजी से पूरा किया जा सकता है. इससे समय, ईंधन और श्रम की बचत होती है तथा किसानों को बुवाई के महत्वपूर्ण समय का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद मिलती है.
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