Rural Industry

बागवानी में बढ़ी सब्सिडी, जहां फल नहीं होते थे वहां हो रहा संतरा और अमरूद

किसानों को बागवानी पर सब्सिडी मिलने लगी तो अब राजस्थान के किसान ज्यादा से ज्यादा बागवानी की ओर ध्यान दे रहे है. राजस्थान के झालावांड़ के 47 गांवों में बागवानी पर सब्सिडी के बढ़ने से किसान बागवानी के बारे में ही सोच रहे है. मनोहस्थाना क्षेत्र की 16 ग्राम पंचायतों के 47 गांव के किसान अब अनार, अमरूद और संतरे की ओर रूचि दिखाने लगे है. इस दुर्गम क्षेत्र में किसान अब अनार की पैदावार भी तेजी से करने लगे है. करीब 10 हेक्टेयर क्षेत्र में किसान अनार की पैदावार भी करने लगे है. इसके अलावा 30 हेक्टेयर क्षेत्र में संतरा और 15 हेक्टेयर में अमरूद भी होने लगे है.

किसानों को मिल रही सब्सिडी

बागवानी फसलों को लगाने के लिए किसानों को 75 तक सब्सिडी भी मिलती है. सब्सिडी के वजह से बागवानी से कई और किसान भी जुड़ते जा रहे है. दरअसल इस क्षेत्र में पहले किसान पानी की कमी के चलते किसी भी तरह की खेती नहीं कर पा रहे थे और संतरे की फसल का रकबा भी पूरी तरह से निचले स्तर पर था. उद्यान विभाग ने भी किसानों को जोड़ने के लिए कई तरह के काफी प्रयास किए है. यहां पर ड्रिप सिंचाई, मिनी सिप्रंकलर सिस्टम से सिंचाई करने पर किसानों को सब्सिडी दी गई है. साथ ही 18 हजार किसानों ने सौर ऊर्जा के उपकरण अपने खेत में लगवाए है. साथ ही कई हजार वर्ग किलोमीटर में पॉली हाउस लगे है.



English Summary: Increased subsidy in horticulture, where there is no fruit, orange and guava there

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