1. Home
  2. ख़बरें

खेतों में भरता है पानी? अब यही बनेगा कमाई का जरिया, तालाब बनाकर करें मछली पालन, सरकार दे रही 75% तक सब्सिडी

Waterlogged Land Fish Farming: देश में मानसून ने दस्तक दे दी है और इस दौरान कई राज्यों में लगातार बारिश हो रही है. ऐसे में किसानों के पास एक बड़ा मौका है कि वह खेतों में जमा पानी मछली पालन करते हैं, तो पा सकते हैं 75% तक सब्सिडी की छूट और कमा सकते हैं बड़ा मुनाफा…

KJ Staff
fish farming
तालाब बनाकर करें मछली पालन पाएं 75% तक सब्सिडी (Image Source-AI generate)

अगर किसान के खेतों में बारिश के कारण हुए जलजमाव से खेती को नुकसान हो रहा है, तो यह आपके लिए नुकसान नहीं मुनाफे का सौदा साबित हो सकता है. बिहार सरकार ने राज्य के किसानों को बड़ी राहत की खबर दी है कि अगर किसान इस जलजमाव वाली जगहों पर मछली पालन करते हैं, तो प्राप्त कर सकते हैं  75% तक सब्सिडी और बढ़ा सकते हैं आमदनी. आगे इस लेख में जानें बिहार के कितने जिले के किसानों को मिलेगा योजना का फायदा.

जलजमाव वाली जमीन का कैसे होगा बेहतर उपयोग?

बिहार के कई जिलों में बड़ी संख्या में ऐसे खेत हैं, जहां बारिश के मौसम में महीनों तक पानी भरा रहता है. ऐसी स्थिति में किसान न तो फसल की खेती कर पाते हैं और न ही जमीन का कोई अन्य उपयोग कर पाते हैं. अब सरकार की यह योजना ऐसी अनुपयोगी भूमि को उत्पादक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

योजना के तहत किसानों को जलभराव वाले क्षेत्रों को वैज्ञानिक तरीके से तालाब के रूप में विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. इसके बाद वहां आधुनिक तकनीक से मछली पालन किया जा सकेगा, जिससे किसानों को सालभर अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिलेगा.

कितना मिलेगा सरकारी अनुदान?

मत्स्य विभाग के अनुसार योजना के अंतर्गत लगभग 10 लाख रुपये तक की परियोजना लागत पर पात्र लाभार्थियों को श्रेणी के अनुसार अधिकतम 75 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी. इससे किसानों पर आर्थिक बोझ काफी कम होगा और वे कम निवेश में मछली पालन का व्यवसाय शुरू कर सकेंगे. साथ ही अनुदान की वास्तविक राशि लाभार्थी की श्रेणी और परियोजना की स्वीकृत लागत के आधार पर निर्धारित की जाएगी. 

बिहार के कितने जिलों को मिलेगा योजना का लाभ?

अगर आप समस्तीपुर जिले के किसान है और इस सरकारी योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो बता दे कि सरकार ने योजना के तहत समस्तीपुर जिले में 10 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित करने का लक्ष्य रखा है और साथ ही इस सरकारी योजना को बिहार के 24 जिलों में लागू किया जाएगा.

इसके अलावा, योजना का लाभ पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा. इसलिए पात्र किसानों को समय रहते आवेदन करने की सलाह दी गई है.

किन किसानों को मिलेगा लाभ?

यह योजना मुख्य रूप से उन किसानों के लिए बनाई गई है जिनकी भूमि में वर्ष के अधिकांश समय जलभराव रहता है. ऐसे किसान जो अपनी जमीन पर फसल उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं, वे इस योजना के माध्यम से मछली पालन शुरू कर सकते हैं. साथ ही पात्रता से संबंधित अंतिम शर्तें और आवश्यक दस्तावेज मत्स्य विभाग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार होंगे. एक बार आवेदन करने से पहले संबंधित जिला मत्स्य कार्यालय से जानकारी प्राप्त जरुर कर लें.

कैसे करें आवेदन?

अगर आप योजना का लाभ लेने के इच्छुक है, तो जिला मत्स्य कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं. वहां से आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और परियोजना से जुड़ी पूरी जानकारी प्राप्त भी करक सकते हैं.

इसके अलावा, आवेदन करते समय आमतौर पर भूमि से संबंधित दस्तावेज, पहचान पत्र, बैंक खाते का विवरण, पासपोर्ट आकार का फोटो और अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र जमा करने होंगे. विभाग द्वारा आवेदन की जांच के बाद पात्र किसानों का चयन किया जाएगा.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Waterlogged Land Fish Farming Farmer Get 75 percent Mp Government Subsidy Published on: 17 July 2026, 03:06 PM IST

Like this article?

Hey! I am KJ Staff. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News