बिहार जिले के समस्तीपुर वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है कि अब इस जिले के लोगों को भारी भरकम ट्रैफिक फाइन से कुछ राहत मिलेगी. अक्सर देखा जाता है कि वाहन चालक ट्रैफिक नियम को तोड़ते हैं, तो यातायात पुलिस सीसीटीवी कैमरों, गति संवेदकों (स्पीड कैमरे) या हैंडहेल्ड मशीनों की मदद से वाहन की तस्वीर ले ली जाती है और इसके बाद यह विवरण वाहन चालक को एसएमएस या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भेजा जाता है, जिसमें भारी फाइन होती है. इसी को देखते हुए बिहार सरकार इस जिले के लोगों को पुराने ई-चालानों पर 50% तक की छूट दे रही है, जिससे जुर्माने की रकम में कुछ राहत मिल सकती है.
ई-चालान क्या होता है?
बिहार सरकार समस्तीपुर के वाहन चालकों को ई-चालान में राहत दे रही है, लेकिन जिले में कुछ लोगों को ई-चालान का सही मतलब ही नहीं पता होगा, तो ऐसे में हम आपकी इस दुविधा को दूर किए देते हैं. ई-चालान पारंपरिक कागजी चालान की जगह यह एक डिजिटल रसीद होती है. जब कोई व्यक्ति ट्रैफिक नियम तोड़ता है, तो ट्रैफिक पुलिस सीसीटीवी कैमरों या हैंडहेल्ड मशीनों की मदद से वाहन की फोटो और विवरण दर्ज करती है और जुर्माने की रकम सीधा मोबाइल नंबर पर एसएमएस या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भेजी जाती है.
कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन और क्या है अंतिम तारीख?
अगर आप इस योजना में शामिल होना चाहते हैं और इसका लाभ उठाना चाहते हैं, तो इस योजना में आपको सम्मिलित होने के लिए वाहन मालिक प्री-रजिस्ट्रेशन के दौरान या लोक अदालत के दिन निर्धारित रियायती राशि का भुगतान नकद (Cash) या क्यूआर कोड (UPI) के माध्यम से आसानी से कर सकते हैं. साथ ही भीड़ और लंबी कतारों से बचने के लिए समय रहते परिवहन कार्यालय के विशेष काउंटर पर प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि जल्द ही योजना का लाभ मिल सकें.
वहीं, इस योजना का लाभ उठाने के लिए चालक 7-11 सितंबर 2026 तक ही रजिस्ट्रेशन करा सकता है.
कितने दिन पुराने ई-वाहन पर मिलेगा योजना का लाभ?
योजना के अनुसार राज्य सरकार ने उन मामलों को शामिल किया है, जो कम से कम 90 दिनों पुराने हैं. यानी की साफ है कि 12 जून 2026 से पहले काटे गए चालान पर ही ई- चालान की सुविधा मिल सकती है. साथ ही सरकार ने योजना में ऐसे मामलों को शामिल किया है, जो कुछ इस तरह से हैं-
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मोबाइल का इस्तेमाल
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गलत तरीके से ओवरटेकिंग
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बिना परमिट वाहन संचालन
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ओवरलोडिंग
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सीट बेल्ट का उल्लंघन
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ट्रिपल राइडिंग, नो-पार्किंग
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नशे में वाहन चलाना
लेखक: रवीना सिंह
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