1. ख़बरें

खाद बनाने वाली इन कंपनियों ने 700 रुपए तक बढ़ाई कीमत, जानिए क्यों?

कंचन मौर्य
कंचन मौर्य
Agriculture News

Agriculture News

अगर आप किसान हैं, तो आपके लिए यह खबर पढ़ना बहुत जरूरी है. अधिकतर किसान खेती करते समय रासायनिक खाद का इस्तेमाल करते हैं, जिनके लिए यह जानना ज़रूरी है कि कुछ कंपनियों ने डाई अमोनियम फास्फेट यानी डीएपी (DAP) की कीमत में वृद्धि की है. बता दें कि इससे पहले कई कंपनियों ने डीजल (Diesel price) और बीज की महंगे कर दिए हैं. इसके बाद डाई अमोनियम फास्फेट यानी डीएपी (DAP) की कीमत बढ़ाई गई है.

किन कंपनियों ने बढ़ाई कीमत

आपको बता दें कि इस लिस्ट में डीएपी बनाने वाली इंडोरामा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, चंबल फर्टिलाइजर एंड केमिकल लिमिटेड, मंगलोर केमिकल एंड फर्टिलाइजर लिमिटेड, पारादीप फॉस्फेट लिमिटेड, गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर्स कॉर्पोरेशन एवं कृभको (KRIBHCO) शामिल हैं. जैसा की सब जानते हैं कि इस वक्त रबी फसलों की कटाई चल रही है, तो वहीं जून-जुलाई में खरीफ फसलों की बुवाई की जाती है, जिसमें डीएपी की मांग मुख्य तौर पर होती है.

कंपनियों की क्या है मजबूरी?

खाद की कीमत बढ़ाने वाली कंपनियों का कहना है कि इंटरनेशनल मार्केट में डीएपी में इस्तेमाल होने वाले फॉस्फोरिक एसिड और रॉक फॉस्फेट की कीमत काफी बढ़ गई है. इस कारण कीमत बढ़ाई गई है.

इफको ने भी बढ़ाई कीमत

इफको द्वारा अगले 11 लाख मीट्रिक टन से अधिक कॉम्लेक्स फर्टिलाइजर (डीएपी, एनपीके, एनओपी) को 1 अप्रैल से पुराने रेट पर ही बेचने का ऐलान किया गया है, जिससे किसानों को थोड़ी राहत मिली है. अलग-अलग कंपनियों ने डीएपी का नया रेट प्रति बैग (50 किलो) 1400 से लेकर 1900 रुपए बढ़ा दिया है, जो कि 31 मार्च तक 1200 रुपए ही था. इस तरह कीमत में रिकॉर्ड 58.33 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी हुई है.

इफको ने किसानों को दी राहत

इफको ने भी 1 अप्रैल से डीएपी के 50 किलो वाले बैग की कीमत में 700 रुपए की वृद्धि की है. हालांकि, बाद में कहा कि उसके पास 11.26 लाख मिट्रिक टन कांप्लेक्स फर्टिलाइजर का पुराना स्टॉक बचा है, जिसे पुराने रेट पर ही बेचा जाएगा. बताया जा रहा है कि यह स्टॉक लगभग 2 महीने की मांग पूरा कर सकता है.

English Summary: Fertilizer companies increase price of DAP by Rs 700

Like this article?

Hey! I am कंचन मौर्य. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News