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गाय के गोबर से बनी चिप मोबाइल से निकलने वाली रेडिएशन को करेगी कम, कीमत मात्र 50 से 100 रुपए

कंचन मौर्य
कंचन मौर्य
Vallabhbhai Kathiria

गाय के गोबर को लेकर कई तरह के उत्पाद बनाने का दावा किया जाता है. इसी बीच एक बार फिर गाय के गोबर लेकर दावा किया गया है कि यह एंटी रेडिएशन यानी विकिरण विरोधी है. यह दावा राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (National Kamadhenu Commission) के अध्यक्ष वल्लभभाई कथीरिया (Chairman Vallabhbhai Kathiria) द्वारा किया गया है.  बता दें कि राष्ट्रव्यापी अभियान 'कामधेनु दीपावली अभियान' के दौरान गाय के गोबर से बनी एक चिप का अनावरण किया गया है. इस चिप को गौसत्व कवच का नाम दिया गया है.

क्या है गौसत्व कवच चिप

यह एक रेडिएशन चिप है, जो कि मोबाइल हैंडसेट से निकलने वाले रेडिएशन को काफी कम कर देता है. आप इसे अपने मोबाइल में रख सकते हैं. इसके अलावा अगर आप बीमारी से बचना चाहते हैं, तो इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. बता दें कि गौसत्व कवच को गुजरात के राजकोट स्थित श्रीजी गौशाला द्वारा निर्मित किया गया है. उन्होंने कहा कि हमने एक शोध परियोजना शुरू पर काम करना शुरू किया है. हम उन विषयों पर शोध करना चाहते हैं, जिन्हें हम एक मिथक मानते हैं.   

गाय के गोबर से बने अन्य उत्पादों को प्रदर्शित करते हुए वल्लभभाई कथीरिया ने कहा कि गाय का गोबर एंटी रेडिएशन है. यह सभी की रक्षा करता है. अगर आप इसे घर लाते हैं, तो इससे घर रेडिएशन मुक्त हो जाएगा. इस बात को वैज्ञानिक रूप से सिद्ध किया जा चुका है. उन्होंने बताया कि इस समय लगभग 500 से ज्यादा गौशालाएं एंटी-रेडिएशन चिप्स का निर्माण कर रही हैं.

चिप की कीमत

इस चिप की कीमत मात्र 50 से 100 रुपए की है. बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति तो ऐसे चिप्स को अमेरिका में निर्यात कर रहा है, जहां प्रति चिप को 10 डॉलर में बेचा जा रहा है. जानकारी के लिए बता दें कि राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (आरकेए) मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत आता है. इस आयोग को केंद्र द्वारा द्वारा 6 फरवरी, 2019 को स्थापित किया गया था. इसका उद्देश्य 'गायों का संरक्षण और विकास' का है. इसकी घोषणा केंद्रीय बजट 2019-20 में की गई थी. 

English Summary: Cow dung chip will reduce radiation from mobile

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