लिमा शहर के लोगो की बदली ज़िंदगी : पानी की खेती

आज हम बात करेंगे ऐसी खेती के बारे में जो आपको सोचने में मजबूर कर देगी |इस विदेशी खेती को कर के आज कई लोगो को  पानी की समस्याओं से निजात मिल रही है | क्या आप ने कभी सुना है रेगिस्तान में पानी की  खेती के बारे में  ऐसे कुछ देश है जहां पर रेगिस्तानी इलाकों  में पानी उपजाने का काम किया  जा रहा है|

मोरोको शहर :

मोरोको  एक उत्तरी अफ्रीकी देश है जहां के शहर लिमा में  पानी की बहुत किल्लत है वहां के लोगों को पानी की कमी होने की वजह से  पानी के बड़े ट्रक मंगवाने पड़ते थे  जो की ट्रक द्वारा लाया गया पानी इतना साफ़ और शुद्ध नहीं था |जिस वजह से उन्हें कई बिमारियों के शिकार होना पड़ा |कभी-कभी उन्हें बिना पानी के भी गुजारा करना पड़ा |

पानी की खेती :

यह काम वाटर फाउंडेशन नाम की संस्था ने शुरू किया | जिन्होंने लोगो की समस्या और पानी की कटौती को देखते हुए | यह तरकीब खोजी और लोगो को पानी की समस्या से मुक्त करवाने के साथ -साथ पानी की बढ़ोतरी भी की | जिस से रेगिस्तान जैसे बंजर स्थान पर पानी की खेती की गयी और उसे उपजाऊ भी बनाया गया |

खेती की विधि :

इस खेती में बंजर टीलों पर बड़े जाल लगाकर कोहरे  को पकड़ने का काम करते है और फिर पाइप के जरिये कोहरे के कणों को कुओं में पहुँचा देते है |यह कण  ठंडे होकर पानी में बदल जाते है |इस तकनीक से लोगों को पानी तो मिला ही साथ -साथ उन्होंने उस भूमि पर पेड़- पौधे भी उगाये और उसे उपजाऊ बनाया जिस से उनकी बंजर पड़ी ज़मीन पर हरियाली आई |

पेरू के शहर लिमा में लगभग 20  लाख  से ज्यादा  लोगो को पानी को समस्या से निजात मिली | वह के लोग कोहरे को  जाल से पकड़ कर पानी बना रहे है और नई तकनीकों के जरिये पानी को फ़िल्टर कर लेते है . जिनसे उन्हें स्वच्छ पानी तो  मिलता ही है और साथ -साथ  अब उन्होंने  इसे रोज़गार का साधन भी बना लिया है अब वह पानी की खेती करने लग गए है |

तो देखा आप ने इन्सान चाहे तो क्या नहीं कर  सकता बंजर जमीन पर फसल खेती तो  सुना है आप ने पर अब तो पानी को खेती भी सुन लिया |

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