1. Home
  2. ख़बरें

कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में वैज्ञानिकों का मंथन, भविष्य की कृषि तकनीकों पर बनी नई रणनीति

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में 5 अगस्त 2026 से तीन दिवसीय संस्थान अनुसंधान परिषद की बैठक शुरू हुई। निदेशक डॉ. अनुप दास की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में चल रही अनुसंधान परियोजनाओं की समीक्षा, नए प्रस्तावों पर चर्चा हुई।

KJ Staff
patna
कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में वैज्ञानिकों का मंथन

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना की तीन दिवसीय संस्थान अनुसंधान परिषद की बैठक का शुभारंभ 05 अगस्त, 2026 को संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास की अध्यक्षता में हुआ। बैठक का उद्देश्य संस्थान में संचालित अनुसंधान कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करना, नए अनुसंधान प्रस्तावों का मूल्यांकन करना तथा पूर्वी भारत में सतत् एवं जलवायु-अनुकूल कृषि के लिए भविष्य की अनुसंधान प्राथमिकताओं का निर्धारण करना है। 

बैठक को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए डॉ. राकेश कुमार, सहायक महानिदेशक प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली ने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप अन्य संस्थानों के सहयोग से बहुविषयक अनुसंधान कार्यक्रम तैयार करने पर बल दिया। उन्होंने किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रभावी, जलवायु-अनुकूल एवं किसान-केंद्रित कृषि प्रौद्योगिकियों के विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।

संस्थान के वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए निदेशक डॉ. अनुप दास ने कहा कि वैज्ञानिक किसानों की समस्याओं के समाधान पर केंद्रित नवीन प्रौद्योगिकियों एवं उत्पादों का विकास करें। उन्होंने वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि वे इस अवसर का उपयोग परस्पर संवाद, ज्ञान एवं अनुभवों के आदान-प्रदान तथा आपसी सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए करें, जिससे वैज्ञानिक अनुसंधान को नई दिशा मिले और समाज एवं कृषि क्षेत्र के हित में अधिक प्रभावी परिणाम प्राप्त हो सकें।

इस अवसर पर डॉ. बिकास दास, निदेशक, राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर; डॉ. पी. के. मिश्रा, निदेशक, बामेती, पटना; डॉ. राघवेंद्र सिंह, निदेशक, महात्मा गांधी समेकित कृषि अनुसंधान संस्थान, मोतिहारी; डॉ. अरुण पंडित, प्रधान वैज्ञानिक, केंद्रीय अंतर्देशीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान, कोलकाता तथा डॉ. अर्नब सेन, प्रभारी, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान केंद्र, कोलकाता ने विषय-विशेषज्ञ के रूप में भाग लिया।

patna2

उन्होंने विभिन्न अनुसंधान परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उनके सुधार एवं प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। दिनांक 07 अगस्त, 2026 तक आयोजित होने वाली इस बैठक में संस्थान के अनुसंधान कार्यक्रमों की प्रगति एवं भावी दिशा पर पाँच प्रमुख विषयगत क्षेत्रों में विचार-विमर्श किया जा रहा है। इनमें उद्यानिकी फसलों के आनुवंशिक संसाधन प्रबंधन एवं उन्नत उत्पादन प्रौद्योगिकियाँ, जलवायु-अनुकूल कृषि के लिए पुनर्योजी एवं समेकित कृषि प्रणाली, भूमि एवं जल उत्पादकता वृद्धि हेतु प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, सतत् पशुधन एवं मत्स्य उत्पादन प्रणाली, तथा सामाजिक-आर्थिक, प्रसार एवं नीति अनुसंधान शामिल हैं।

बैठक का मुख्य उद्देश्य संस्थान में संचालित एवं बाह्य वित्तपोषित अनुसंधान परियोजनाओं की प्रगति, वैज्ञानिक उपलब्धियों एवं उनकी प्रासंगिकता का समग्र मूल्यांकन करना तथा उभरती कृषि चुनौतियों एवं राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप अनुसंधान गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाना है। बैठक के दौरान वैज्ञानिक अपनी परियोजनाओं की प्रगति प्रस्तुत करेंगे, जिन पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत तकनीकी समीक्षा एवं विचार-विमर्श होना है।

इससे पूर्व, कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. अनुप दास, डॉ. बिकास दास एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा वृक्षारोपण के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत किया गया। डॉ. कमल शर्मा, प्रभागाध्यक्ष, पशुधन एवं मात्स्यिकी प्रबंधन तथा प्रभारी, पीएमई प्रकोष्ठ ने स्वागत भाषण दिया तथा पिछली संस्थान अनुसंधान परिषद की बैठक की अनुशंसाओं पर की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर बेंगलुरु स्थित गैर-सरकारी संस्थान डेवलपमेंट फोकस के साथ एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के अंतर्गत कृषि प्रणाली का पहाड़ी एवं पठारी अनुसंधान केंद्र, राँची द्वारा विकसित टमाटर, नेनुआ, लौकी, करेला, लोबिया एवं सेम की उन्नत किस्मों के सब्जी बीज उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा।

बैठक में कृषि प्रणाली का पहाड़ी एवं पठारी अनुसंधान केंद्र, राँची; कृषि विज्ञान केंद्र, रामगढ़ एवं कृषि विज्ञान केंद्र, बक्सर सहित संस्थान के लगभग 100 वैज्ञानिकों एवं तकनीकी अधिकारियों ने भाग लिया तथा वर्तमान अनुसंधान गतिविधियों एवं भविष्य की अनुसंधान प्राथमिकताओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।

English Summary: Agricultural Research Complex Patna Farming Council Meeting Future Agri Innovation Published on: 07 August 2026, 10:54 AM IST

Like this article?

Hey! I am KJ Staff. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News