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गुजरात में 'जे फार्म सर्विस' शुरू, किसानों को मिलेंगें भाड़ें पर मशीनरी

टैफे के 'जे फार्म' सर्विस ने सीएसआर के सहयोग से एक ऐसे ऐप्प को लांच किया है, जो पूरे भारत में किसानों के जीवन को समृद्ध करने एवं खेती के विकास के लिए सहायक होने वाला है. इस ऐप्प को गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने भारत के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रणछोड़भाई  चनभाई  फालदू( परिवहन मंत्री गुजरात) की उपस्थिति में लॉन्च किया. इस मौके पर टैफे के अध्यक्ष कॉर्पोरेट अफेयर्स ने केशवन ने बताया कि हम और राज्य सरकार किसानों की भलाई एवं उन्नत खेती को लेकर सदा प्रयासरत हैं. हमारी कंपनी का मुख्य लक्ष्य सदा ही किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली मजबूत मशीनरी प्रदान करना रहा है.

बता दें कि किसानों की भलाई के लिए फार्मर टू फार्मर एक रैंटल प्लेटफार्म सेवा शुरू की गई है, जहां किसान ट्रैक्टर एवं अन्य मशीनों को भाड़े पर ले सकते हैं. इस सेवा के साथ टैफे का 'जे फार्म' इसी मकसद से जुड़ा है, ताकि मशीनों के अभाव में खेती में किसी तरह की अड़चन किसानों को ना आ सके. उन्होंने आगे बताया कि  हमारी कोशिश है कि मशीनों को किफायती दामों पर बेचा जाये जिससे छोटे एवं मध्यम वर्ग के किसान भी कम से कम श्रम में ज्यादा मुनाफा कमा सके. 

गौरतलब है कि फार्मर टू फार्मर सेवा के बारे में बताते हुए टैफे की चेयरपर्सन एमएस. मल्लिका श्रीनिवासन ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में खेती निसंदेह महत्वपूर्ण योगदान निभाती है, लेकिन देश के ज्यादातार किसान आर्थिक रूप से छोटे या मध्यम वर्गीय हैं. एक सर्वे में पता लगा है कि लगभग 85% किसानों के पास मशीनों को खरीदने की क्षमता नहीं है. ऐसे में उनकी फसलों को बड़े स्तर पर मशीनों के अभाव में भारी नुकसान होता है. इन्हीं कारणों से 'जे फार्म' सेवा को सीएसआर के सहयोग से शुरू किया गया है. इस एप्प के माध्यम से किसान भाड़े पर डायरेक्ट कृषि यंत्रों को ले सकते हैं.

उन्होंने कहा कि हमारा सपना है कि गुजरात के किसानों को ज्यादा-ज्यादा से फायदा हो, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वो सपना पूरा हो जिसमे उन्होंने किसानों की आय 2022 तक डबल करने की बात कही थी.



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