Medicinal Crops

पत्थरचट्टा के गुणकारी उपयोग देंगे आपको राहत

पत्थरचट्टा एक विशेष प्रकार की जड़ी बूटी है जो कि काफी फायदेमंद होती है. यह एक घरेलू पौधा होता है. ये पौधा उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से उगता है. पत्थरचट्टा के कई तरह के घरेलू फायदे होते हैं जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते है. पत्थरचट्टा का वैज्ञानिक नाम ब्रायोफिलम पिनाटा होता है. पत्थरचट्टा से बहुत से घरेलू पथरी को हटाने, रक्तचाप, सिरदर्द, अस्थमा, मूत्ररोग आदि को ठीक करने में प्रयोग किया जाता है. तो आइए जानते है इस विशेष पत्थरचट्टे के पौधे के बारे में कुछ रोचक जानकारियां -

ऐसा होता है पत्थरचट्टा

अगर हम पत्थरचट्टे के पौधे के बारे में बात करें तो यह सीधा, तना हुआ, लंबा और 12 महीने उगने वाला पौधा होता है. यह पौधा 1-2 मीटर लंबा होता है. ये एक विशेष प्रकार की जड़ी बूटी होती है जो कि भारत के सभी घरेलू पौधों के रूप में आसानी से पाई जाती है. इसके पत्ते विभिन्न प्रकार की औषधि के लिए जाने जाते है. इसका तना अंदर तक खोखला होता है जिसका रंग पूरी तरह से हरा या फिर लाल होता है. इस पौधे की छाल मोटी और रसदार होती है. इस विशेष प्रकार के पौधे में 6-7 प्रकार के पत्तों की शाखाएं होती है. सबसे बड़ी विशेषता इस पौधे की यह है कि गीली जमीन पर अलग प्रकार से नये पौधे को आसानी से जन्म दे देती है. अगर इसके फूलों के उगने की बात करें तो यह सर्दियों और बंसत के मौसम में ही पैदा होते है.

फोड़ों का इलाज

अगर आपके शरीर में किसी तरह के फोड़े की समस्या है तो पत्थरचट्टा आपके लिए काफी गुणकारी है. पत्थरचट्टे के पत्ते को तोड़कर इन्हें हल्का गर्म करने के बाद फोड़े और सूजन वाली जगह पर रखकर बांध लें. यह आपकी सूजन को कम करने के साथ ही फोड़ों का उपचार करने में मदद करता है.

गुर्दे की पथरी

अगर आपको गुर्दे की पथरी की समस्या पैदा हो जाती है. पत्थरचट्टा आसानी से पित्त से जुड़ी समस्या को दूर करने में सहायक होता है. आप अगर इसको उबालकर गाढ़ा तैयार करेंगे तो यह आपकी सेहत को काफी फायदा देगा. अगर आपको थोड़ा स्वाद चाहिए तो आप इसमें शहद को भी मिला सकते है. इस मिश्रण को भी दो से तीन बार तक सेवन करना चाहिए.

घावों को ठीक करें

आपके शरीर में किसी भी तरह के गहरे घाव हो गए है तो पत्थरचट्टा का उपयोग आपके लिए बेहद ही फायदेमंद है. आप इन पत्थरट्टा के पत्तों को आसानी से पीस सकते है और हल्की आंच पर गर्म कर सकते हैं और इनको अपने गहरे घावों पर लगा सकते हैं.

मूत्र संबंधी विकारों मे दे राहत

मूत्र संबंधी विकारों से संबधित परेशानियों के लिए पत्थरचट्टे का रस काफी ज्यादा फायदेमंद होता है. पुरूषों को इसमें कुछ ग्राम शहद मिलाकर इसका सेवन करना चाहिए. इससे मूत्र विकारों में काफी राहत प्राप्त होती है. इसके मिश्रण को दिन में दो से तीन बार लें आपको फायदा होगा.



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