1. सरकारी योजनाएं

युवाओं को कृषि क्षेत्र में स्टार्ट-अप लगाने के लिए लागू हुई यह योजना

केंद्र सरकार ने युवाओं को कृषि क्षेत्र से जोड़ने के लिए एक स्टार्ट-अप योजना शुरू की है. 1000 करोड़ रूपये की इस योजना के तहत देश के नौजवानों को कृषि और उससे संबंधित क्षेत्र में नए उद्यम लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. केंद्रीय कृषि मंत्री श्री राधामोहन सिंह ने इस योजना की औपचारिक शुरुआत की. स्कीम के तहत युवा उद्यमियों को सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान है. साथ ही स्टार्ट-अप लगाने के लिए ऋण में ब्याज दर पर सालाना 2 फीसदी की छूट भी दी जाएगी.

कृषि मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) ने यह 'युवा सहकार-सहकारी उद्यम समर्थन और अभिनव योजना' बनाई है. यह योजना एनसीडीसी द्वारा बनाए गए 1000 करोड़ रुपये के सहकारी स्टार्ट-अप और इनोवेशन फंड (सीएसआईएफ) से जुड़ी होगी. योजना से देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र  के लोगों, महिलाओं, अनुसूचित जाति तथा जनजाति और विकलांग लोगों की सहकारी समितियों को अधिक प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है.

एनसीडीसी ने योजना के लिए निर्धारित कोष के नियमों और प्रक्रिया को आसान और उदार रखा है ताकि युवा आसानी से इस योजना का लाभ उठाने में सक्षम होंगे। योजना का मकसद व्यवसाय को आसान बनाने के लिए स्टार्ट-अप को प्रोत्साहित करना है. यह योजना सहकारी समितियों को नए और अभिनव क्षेत्रों में उद्यम करने में मदद करेगी.

इस योजना में 2 साल की अवधि के लिए 3 करोड़ रुपये की परियोजना लागत के मूलधन पर ब्याज की लागू दर से 2% कम ब्याज दर लिया जाएगा। योजना में एक वर्ष की समयसीमा के लिए सभी प्रकार की सहकारी समितियां पात्र होंगी.

एनसीडीसी, शीर्ष वित्तीय और विकास संस्थान के रूप में कार्य करने वाली एक वैधानिक पीठ है जो कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों के साथ-साथ कई अन्य क्षेत्रों में सहकारी समितियों के के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. संस्था ने वर्ष 2014-2018 की अवधि के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता में 63702.61 करोड़ रुपये का इजाफा किया है जो 2010-14 के दौरान 19850.6 करोड़ रुपये से 220% अधिक है.\

रोहिताश चौधरी, कृषि जागरण

English Summary: This scheme, implemented for the upliftment of youth in the agricultural sector

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