अगर आप पीएम किसान योजना के लाभार्थी है और 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद ही जरुरी है. अब तक सरकार योजना की 23 किस्तों का पैसा किसान भाइयों और बहनों के खातों में जारी कर चुकी है. ऐसे में हर किसान के मन में यह सवाल है कि सरकार योजना की 24वीं किस्त को जारी करने का ऐलान कब करेंगी और कब किसानों के खातों में यह सौगात आएंगी. इसी के चलते लाभार्थी किस्त का लाभ पाने के लिए इन जरुरी कामों को पूरा करें.
पीएम किसान योजना में साल में कितना पैसा मिलता है?
अगर आप पीएम किसान योजना के लाभार्थी है और इस सरकारी योजना का फायदा उठा रहे हैं, तो आपको इस बात की भी पूरी जानकारी होनी चाहिए की योजना के तहत किसानों के खातों में कितनी राशि जारी की जाती है, तो आपको बता दें कि पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को साल में 6,000 रुपये की सहायता दी जाती है. यह रकम लाभार्थियों को चार महीनों के अंतराल में 2 हजार रुपये की तीन किस्तों में किसानों के खातों में जारी की जाती है.
ई-केवाईसी (e-KYC) करना जरुरी
अगर आप पीएम किसान योजना के लाभार्थी है और योजना का लाभ उठा रहे हैं और आगे भी योजना की किस्त का फायदा लेते रहना चाहते हैं, तो सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी कराना पूरी तरह अनिवार्य है. अगर आपके मन में यह सवाल है कि कैसे ई-केवाईसी को पूरा कराएं तो घबराएं नहीं आप पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर 'Farmer Corner' में अपना आधार नंबर दर्ज करके ओटीपी (OTP) के जरिए भी कर सकते हैं या फिर अपने नजदीकी सीएससी CSC - कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर भी इस प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं.
भू-सत्यापन करना आवश्यक
पीएम किसान योजना का लाभ उन किसानों को दिया जाता है, जिनके नाम पर अपनी खुद की कृषि भूमि है. ऐसे में किसान अगर इस योजना में शामिल होते हैं, तो सरकार इस योजना के लाभार्थियों की खेती की जमीन का लैंड रिकॉर्ड्स का ऑनलाइन सत्यापन करती है. यदि आपके स्टेटस में 'Land Seeding' के आगे 'No' लिखा है, तो आपको अपनी जमीन के दस्तावेज (खतौनी/जमाबंदी) और आधार कार्ड लेकर अपने ब्लॉक के कृषि कार्यालय या पटवारी के पास जाना होगा ताकि वे आपके जमीन के रिकॉर्ड को पीएम किसान पोर्टल पर अपडेट और सत्यापित कर सकें.
खाते को आधार से जोड़ना और डीबीटी (DBT) सक्रिय करना अनिवार्य
पीएम किसान योजना का पैसा सीधा किसानों के बैंक खातों में भेजा जाता है. ऐसे में अगर कोई लाभार्थी इस प्रक्रिया को पूरा नहीं करता है, तो योजना की किस्त में अटकलें आ सकती है. ऐसे में किसान का खाते में आधार लिंकिंग के साथ-साथ डीबीटी (Direct Benefit Transfer) यानी एनपीसीआई (NPCI) मैपिंग सक्रिय होना जरूरी है. यानी की किस्त का लाभ पाने के लिए यह काम करना बेहद ही जरुरी है.
लेखक: रवीना सिंह
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