मध्य प्रदेश सरकार किसानों समेत राज्य के लोगों के लिए भी कई कल्याणकारी योजना चला रही है. अभी हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए युवाओं के लिए ऐसी सरकारी योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत क्षेत्र के युवा सीखने के साथ-साथ कमाएंगे भी यह सरकारी स्कीम युवाओं के लिए बेहद काम की है. चलिए जानते हैं किन युवाओं को मिलेगा स्कीम का फायदा.
सीखो कमाओ योजना क्या है?
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के युवाओं को रोजगार प्रदान करने के उद्देश्य के साथ मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत युवाओं को काम सीखने के साथ हर महीने 8,000 से 10,000 रुपये तक इनकम करने का मौका भी मिलेगा और इस सरकारी योजना की पहल के पीछे की वजह है बेरोजगारी का खत्म करना और रोजगार के अवसर लाना. साथ ही इस योजना का लाभ केवल Gen-Z युवाओं को ही मिलेगा और मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के तहत विभिन्न संस्थानों और कंपनियों में ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग दी जाएगी इस दौरान हर महीने स्टाइपेंड की यवाओं को सुविधा भी मिलेगी.
मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना का लाभ किसकों मिलेगा?
मध्य प्रदेश दुवारा शुरु की गई मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना की शुरुआत 2023 में की गई थी, जो की इन दिनों काफी चर्चाओं में है. ऐसे में अगर आप इस सरकारी योजना में आप इच्छुक है और योजना में शामिल होना चाहते हैं, तो इन बातों पर गौर दें-
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इस सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए युवा को राज्य का स्थाई होना जरुरी है.
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योजना में आवेदन करने के लिए आवेदक की उम्र 18 से 29 साल के बीच है और आपने 12वीं या आईटीआई पास होना बेहद ही जरुरी है.
योजना में कैसे करें आवेदन?
मध्य प्रदेश सरकार दुवारा शुरु की गई राज्य के युवाओं के मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना राज्य में बढ़ रही बेरोजगारी की समस्या का खत्म कर सकती है. ऐसे में अगर आप इस कल्याणकारी योजना में आवेदन करने की सोच रहे हैं तो इसके लिए आप अप्लाई आधिकारिक मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना पोर्टल पर जाकर फॉर्म भरकर अपना आवेदन सबमिट कर सकते हैं.
योजना में क्या-क्या मिलेंगे फायदे?
मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के तहत युवाओं को लेटेस्ट टेक्नॉलोजी और लेटेस्ट प्रोसेस के माध्यम से ट्रेनिंग दी जाएगी. साथ ही इस ट्रेनिंग के दौरान राज्य के युवाओं को हर महीने स्टाइपेंड भी दिया जाएगा.
इसके अलावा, युवाओं को मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड (MPSSDEGB) द्वारा State Council for Vocational Training (SCVT) का प्रमाण पत्र से भी नवाजा जाएगा.
लेखक: रवीना सिंह
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