बड़ी खबर! खेती करने वाली मशीनों पर मिल रही 40 से 50 प्रतिशत तक की छूट, लाभ उठाने के लिए जल्द करें ये काम

कंचन मौर्य
कंचन मौर्य
Agricultural Implements Subsidy

Agricultural Implements Subsidy

हरियाणा सरकार द्वारा राज्य के किसानों के लिए तमाम सरकारी योजनाएं संचालित की जा रही है. इन योजनाओं के जरिए किसानों के लिए खेती करना बहुत आसान हो गया है. सरकारी योजनाओं के तहत तमाम कृषि यंत्र से जुड़ी योजनाएं भी शामिल हैं.

इन्हीं में एक कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही स्मैम स्कीम योजना (SMAM-Sub Mission of Agriculture Mechanization Scheme) शामिल है. राज्य सरकार की तरफ से इस योजना के जरिए किसानों को 2020-21 के तहत कृषि यंत्रों पर सब्सिडी लेने का एक और मौका दिया जा रहा है. आइए आपको इस संबंध में पूरी जानकारी देते हैं.

क्या है स्मैम स्कीम योजना

इस योजना के तहत आवेदनकर्ता किसान कृषि यंत्रों में से अलग-अलग तरह के किन्हीं 3 यंत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकता है. मगर शर्त यह है कि उसने उसी कृषि यंत्र पर पिछले 4 वर्षों में अनुदान का लाभ न लिया हो. इसके अलावा ट्रैक्टर-चालित कृषि यंत्र पर सब्सिडी के लिए हरियाणा में रजिस्टर्ड अपना ट्रैक्टर (Tractor) होना चाहिए.

कितनी मिलती है सब्सिडी

इस योजना के तहत कृषि यंत्र की खरीद पर सरकार 40 से 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान करती है.

किन कृषि यंत्रों पर मिलती है सब्सिडी

स्मैम स्कीम योजना के तहत मल्टीक्रोप, हस्त चालित स्प्रेयर, मेज प्लांटर, जीरो टिल सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, हैप्पी सीडर, थ्रेशर, पावर नेपसेक स्प्रेयर, जीरो टिल सीड ड्रील, रोटावेटर, टर्बोसीडर समेत लेजर लेंड लेवलर आदि पर सब्सिडी दी जाती है. सबसे खास बात यह है कि पंजाब के बाद हरियाणा दूसरा ऐसा राज्य है, जहां खेती में मशीनरी का सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है.

15 मार्च 2021 तक उठाएं योजनाओं का लाभ

जानकारी के लिए बता दें कि पहले सभी पात्र किसानों को 27 फरवरी 2021 तक अपने दस्तावेज़ विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने का मौका दिया गया था. मगर जो किसान किसी कारणवश निर्धारित तिथि तक अपने बिल अपलोड नहीं करवा पाए, उन्हें एक और मौका दिया जा रहा है. अब किसान कृषि यंत्रों के बिलों को विभागीय पोर्टल पर 15 मार्च तक अपलोड कर सकते हैं.

इसके साथ ही जिन किसानों ने 18 फरवरी तक विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किए थे, उन सभी आवेदन को सरकार ने स्वीकार कर लिया है. बता दें कि आवेदन की आखिरी तारीख 18 फरवरी थी. विभाग का कहना है कि जो किसान निश्चित तारीख तक बिल अपलोड कर देंगे, उन्हें चालू वित्त वर्ष में ही कृषि यंत्रों का लाभ प्रदान किया जाएगा.

ज़रूरी दस्तावेज़

विभागीय पोर्टल https://www.agriharyanacrm.com/ पर ई-वे बिल, स्वयं घोषणा पत्र और जीपीएस लोकेशन वाली मशीन के साथ स्वयं की रंगीन फोटो अपलोड करना होता है.

आपको बता दें कि इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों का मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण होना अनिवार्य है. फिर आवेदन के बाद किसानों को पटवारी की रिपोर्ट, ऑनलाइन आवेदन की प्रति, मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण की प्रति, ट्रैक्टर की आरसी, आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक सहायक कृषि अभियन्ता कार्यालय में जमा करवानी होती है.

English Summary: Farming machines are getting 40 to 50 percent subsidy

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