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बंपर पैदावार दे सकती है बाजरे की ये किस्में, खराब मॉनसून में भी नहीं खराब होगी फसल

millet

देश के कई राज्यों में खरीफ सीजन की फसलों की बुवाई शुरू हो चुकी है. बाजरा भी उन्ही में से एक है. मानसून के सक्रिय होने के बाद इसकी खेती की तैयारियां जोरो पर है. लेकिन इसकी अच्छी पैदावार के लिए जरूरी है कि किसान भाईयों को बाजरे की उन्नत किस्मों की जानकारी हो. चलिए आज हम आपको कुछ ऐसी किस्मों के बारे में बताते हैं, जो सामान्य बाजरे की तुलना अधिक पैदावार देने में सक्षम है.

पूसा 322

पूसा 322 बाजरा 75 से 80 दिनों में तैयार हो जाता है. इनके पौधों की ऊचाई 220 सेंटीमीटर तक हो सकती है. इस किस्म के सहारे औसतन पैदावार 30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक हो सकता है.

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इस किस्म को सूखे चारे के रूप में भी उपयोग किया जाता है. यह बाजरे की संकर किस्म है, जो 52 क्विंटल औसत पैदावार करती है. आम बाजरे के मुकाबले इसमें अधिक पोषक तत्व होते हैं.

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इस बाजरा की किस्म में कोलस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने की क्षमता आम बाजरे से अधिक होती है. इसलिए दिल के रोगियों के लिए इसका सेवन उत्तम है. दिल के लिए बाजरा कोलस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है. इसकी औसत पैदावार 50 क्विंटल तक हो सकती है, जबकि सूखे चारे के रूप में 90 क्विंटल प्रति हेक्टेयर पैदावार हो सकती है.

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जिन क्षेत्रों में वर्षा अधिक नहीं होती, उन क्षेत्रों में भी बाजरे की इस किस्म को उगाया जा सकता है. इसको पकने में लगभग 2 महीने से ऊपर का समय लगता है.

(आपको हमारी खबर कैसी लगी? इस बारे में अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें. इसी तरह अगर आज़  पशुपालन, किसानी, सरकारी योजनाओं आदि के बारे में जानकारी चाहते हैं, तो वो भी बताएं. आपके हर संभव सवाल का जवाब कृषि जागरण देने की कोशिश करेगा)

English Summary: these varieties of millet will enhance production even in low investment know more about best millet varities

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