1. खेती-बाड़ी

आलू की ये किस्में कम दिनों में होती हैं तैयार, पैदावार प्रति हेक्टेयर 200 से 250 क्विंटल तक

कंचन मौर्य
कंचन मौर्य
Potato

यह समय आलू की खेती (A​​​​alu Ki Kheti) के लिए  उपयुक्त है, क्योंकि इसकी खती के लिए छोटे दिनों की अवस्था की आवश्यकता होती है. हमारे देश के किसी-किसी भाग में सालभर आलू की खेती की जाती है, तो आइए आज किसान भाईयों को आलू की उन्नत किस्मों (Advanced Varieties of Potatoes) की जानकारी देते हैं, ताकि वह आलू की खेती (Potato Cultivation) से बंपर पैदावार हासिल कर सकें. 

केंद्रीय आलू अनुसंधान शिमला द्वारा कई किस्में विकसित की गई हैं, जो इस प्रकार हैं. 

आलू की उन्नत किस्में (Advanced Varieties of Potatoes)

कुफरी अलंकार

इस किस्म से मात्र 70 दिन में फसल तैयार हो जाती है, लेकिन यह किस्म पछेती अंगमारी रोग के लिए कुछ हद तक प्रतिरोधी है. इसकी बुवाई से प्रति हेक्टेयर लगभग 200 से 250 क्विंटल पैदावार प्राप्त की जा सकती है.  

कुफरी चंद्र मुखी

इस किस्म से मात्र 80 से 90 दिन में फसल  होती है, जिससे प्रति हेक्टेयर लगभग 200 से 250 क्विंटल तक पैदावार हासिल हो सकती है. 

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कुफरी नवताल जी 2524

आलू की इस किस्म की बुवाई से मात्र 75 से 85 दिन  में फसल तैयार हो जाती है. इस किस्म से भी प्रति हेक्टेयर लगभग 200 से 250 क्विंटल पैदावार मिल जाती है.  

कुफरी बहार 3792 ई

इस किस्म की बुवाई से  फसल मात्र  90 से 110 दिन में तैयार होती है. बता दें कि अगर गर्मियों में इस किस्म की बुवाई की जाए, तो यह 100 से 135 दिन में फसल तैयार कर देती है.  

कुफरी शील मान

आलू की इस किस्म से मात्र 100 से 130 दिन में फसल तैयार हो सकती है, जिससे  प्रति हेक्टेयर लगभग 250 क्विंटल पैदावार प्राप्त हो सकती है. 

कुफरी ज्योति

इस किस्म से मात्र 80 से 150 दिन  में फसल तैयार होती है, जो कि प्रति हेक्टेयर लगभग 150 से 250 क्विंटल पैदावार दे सकती है. 

कुफरी सिंदूरी

इस किस्म से आलू की फसल 120 से 125 दिनों में तैयार हो जाती है और 300 से 400 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज होती है.

कुफरी बादशाह

आलू की इस किस्म से मात्र 100 से 130 दिन में फसल तैयार हो सकती है, जिससे प्रति हेक्टेयर लगभग 250 से 275 क्विंटल पैदवारा मिल सकती है. 

कुफरी देवा

इस किस्म से मात्र 120 से 125 दिन में फसल तैयार हो सकती है और प्रति हेक्टेयर लगभग 300 से 400 क्विंटल पैदावार दे सकती है.   

आलू की संकर किस्में (Hybrid Varieties of Potatoes)

कुफरी जवाहर जेएच 222

इस किस्म से आलू की फसल मात्र 90 से 110 दिन में तैयार हो सकती है. यह एक अगेता झुलसा और फोम रोग प्रतिरोधी किस्म है, जो कि प्रति हेक्टेयर लगभग 250 से 300 क्विंटल पैदावार देने की क्षमता रखती है.  

ई 4486

आलू की इस किस्म की बुवाई मात्र 135 दिन में फसल तैयार होती है. इससे प्रति हेक्टेयर लगभग 250 से 300 क्विंटल तक पैदावार हालिस कर सकते हैं. बता दें कि यह किस्म की बुवाई हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, गुजरात और मध्य प्रदेश के किसानों के लिए काफी उपयुक्त मानी जाती है.  

आलू की नई किस्में  (New Varieties of Potatoes)

उपयुक्त किस्मों के अलावा आलू की कई और नई  किस्में भी हैं, जिनमें कुफरी गिरिराज, कुफरी चिप्सोना-1, कुफरी चिप्सोना-2 और कुफरी आनंद किस्म शामिल हैं. इनकी बुवाई से भी आलू की अच्छी पैदावार हासिल हो सकती है. 

English Summary: Information on new varieties of potatoes

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