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देशभर में बिगड़ा मौसम का मिज़ाज, गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद तो अन्य फसलों पर बढ़ेगा कई रोगों का प्रकोप

इनदिनों देशभर में मौसम का मिज़ाज बदला हुआ है. मंगलवार को उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में बर्फीली हवाओं से राहत नहीं मिली और पारा नीचे गिरने से ठंड और बढ़ गई. दिल्ली में 22 वर्षों में दूसरा सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र से आने वाली तेज और ठंडी हवाओं के साथ-साथ बादल छाए रहने से तापमान में गिरावट आई है. दिल्ली में मंगलवार को कंपकंपी जारी रही क्योंकि अधिकतम तापमान मौसम के औसत से 10 डिग्री नीचे 12.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. सन 1997 में अधिकतम तापमान 11.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. ठंड की वजह से अस्थमा पीड़ितों को भी अधिक परेशानी हो रही है. ठंड की वजह से लोगों की सांस उखड़ रही है और उन्हें परेशानी हो रही है. इसके लिए उन्हें बार-बार न्यूमुओलाइज कराना पड़ रहा है और अस्थमा की अधिक दवाएं लेनी पड़ रही हैं. हालांकि कड़ाके की ठंड गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद साबित हो रही है. तो वहीं अरहर सहित अन्य फसलों में तुसार लगने की आशंका भी पैदा हो गई है. पिछले दिनों बरसे पानी की वजह से चने की फसल में इल्ली का प्रकोप होने की आशंका बढ़ गई है. इसे देखते हुए किसानों ने चने की फसल में कीटनाशकों का उपयोग करना शुरू कर दिया है.

विवेक कुमार राय
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इनदिनों देशभर में मौसम का मिज़ाज बदला हुआ है. मंगलवार को उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में बर्फीली हवाओं से राहत नहीं मिली और पारा नीचे गिरने से ठंड और बढ़ गई. दिल्ली में 22 वर्षों में दूसरा सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र से आने वाली तेज और ठंडी हवाओं के साथ-साथ बादल छाए रहने से तापमान में गिरावट आई है. दिल्ली में मंगलवार को कंपकंपी जारी रही क्योंकि अधिकतम तापमान मौसम के औसत से 10 डिग्री नीचे 12.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. सन 1997 में अधिकतम तापमान 11.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. ठंड की वजह से अस्थमा पीड़ितों को भी अधिक परेशानी हो रही है. ठंड की वजह से लोगों की सांस उखड़ रही है और उन्हें परेशानी हो रही है. इसके लिए उन्हें बार-बार न्यूमुओलाइज कराना पड़ रहा है और अस्थमा की अधिक दवाएं लेनी पड़ रही हैं. हालांकि कड़ाके की ठंड गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद साबित हो रही है. तो वहीं अरहर सहित अन्य फसलों में तुसार लगने की आशंका भी पैदा हो गई है. पिछले दिनों बरसे पानी की वजह से चने की फसल में इल्ली का प्रकोप होने की आशंका बढ़ गई है. इसे देखते हुए किसानों ने चने की फसल में कीटनाशकों का उपयोग करना शुरू कर दिया है.

देश भर में बने मौसमी सिस्टम

एक विपरीत चक्रवाती क्षेत्र दक्षिणी मध्य प्रदेश और विदर्भ पर दिखाई दे रहा है. एक ट्रफ अरुणाचल प्रदेश से उत्तर पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है. तमिलनाडु और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटीय भाओं पर बंगाल की खाड़ी से आर्द्र हवाएँ आ रही हैं.

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पिछले 24 घंटों के दौरान देश भर में हुई मौसमी हलचल

पिछले 24 घंटों के दौरान पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान, दिल्ली और पश्चिम उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में कोल्ड डे की स्थिति बनी रही. पठानकोट में अधिकतम तापमान सबसे कम 9.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. पंजाब, राजस्थान और हरियाणा के कई हिस्सों में घना कोहरा देखा गया. साथ ही, अमृतसर, फलोदी और अजमेर पर दृश्यता 0 मीटर तक गिर गई, जबकि मुरादाबाद में 100 मीटर से अधिक नीचे दर्ज की गई. मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा सहित उत्तर पूर्वी राज्यों में घने कोहरे का मध्यम स्तर देखा गया. तमिलनाडु, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश और पूर्वी असम के कई हिस्सों में गरज के साथ हल्की बारिश देखी गई.

अगले 24 घंटों के दौरान संभावित मौसम

अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर पश्चिमी मैदानी इलाकों में उत्तर-पश्चिमी हवाएँ तेज़ बनी रहेंगी जिससे न्यूनतम तापमान में कमी आएगी जबकि दिन में पारा बढ़ेगा जिससे तेज़ सर्दी में कमी आएगी. उत्तर पश्चिमी भारत और उत्तर पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मध्यम से घना कोहरे जारी रहेगा. इसी तरह पूर्वी भारत, मध्य भारत और इससे सटे दक्षिण भारत में मध्यम से घना कोहरा देखने को मिल सकता है. अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, दक्षिणी आंध्र प्रदेश, केरल और पूर्वी असम तथा उससे सटे नागालैंड में हल्की बारिश की संभावना है. झारखंड और विदर्भ से सटे छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों में हल्की बारिश हो सकती है. मध्य और पूर्वी भारत में न्यूनतम तापमान में गिरावट देखी जा सकती है.  दक्षिण भारत में तमिलनाडु, केरल, दक्षिणी कर्नाटक और दक्षिणी आंध्र प्रदेश में हल्की बारिश के आसार हैं.

English Summary: Weather update: Impaired weather patterns across the country, beneficial for wheat crop, will increase on other crops Published on: 18 December 2019, 11:14 AM IST

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