Success Stories

मधुमक्खी पालन से लाभ ले रहे अजमेर सिंह

 

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद पूसा में कृषि उन्नति मेला कई वर्षों से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें लाखों की संख्या में प्रगतिशील किसान आकर कृषि और प्रौद्योगिकी की जानकारी प्राप्त करतें हैं. किसानो के साथ इस मेले में आम जनता भी आती है. कृषि उन्नति मेलें  में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिरकत कर किसानों को संबोधित किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रगतिशील किसानो को इस मेलें में सम्मानित किया गया . मेलें के दौरान कृषि जागरण की टीम ने हिसार के किसान अजमेर सिंह से बातचीत की . अजमेर सिंह हिसार के सफल किसानो में से एक हैं.

अजमेर सिंह ने बताया की वो सरसों की खेती करते हैं . इसके साथ ही वो मधुमक्खी पालन करते हैं.  मधुमक्खी सरसों के परागण से रस चूसकर शहद बनाती हैं  और फरवरी तक इससे चार से पांच कुंटल शहद निकल आता है अजमेर  सिंह ने बताया की सरसों का फूल दो से तीन महीने तक खिलता है उसी में वह इतना शहद निकाल लेते है  कि उनकी सालाना आय निकल आती है इसके बाद अजमेर सिंह ने बताया की तीन महीने हिसार में खेती करने के बाद वह मधुमक्खीयों को लेकर राजस्थान चला जाता है जिस समय वहां मसालों की खेती होती है ऐसे ही जिस जिस राज्य में खेती होती है वह मौसम के हिसाब से अपनी मधुमक्खियां उन राज्यों में लेकर चले जाते हैं जहाँ पर फूल और अच्छी वनस्पति होती है. इसी के साथ अजमेरसिंह ने बताया की फूलों की खेती के साथ यह उद्योग अधिक फायदेमंद होता है. जिससे उनकी आय में  बढ़ोतरी हो जाती है. सूरजमुखी, गाजर, मिर्च, सोयाबीन, पॉपीलेनटिल्स ग्रैम, फलदार पेड में जैसे नींबू, कीनू, आंवला, पपीता, अमरूद, आम, संतरा, मौसमी, अंगूर, यूकेलिप्टस और गुलमोहर जैसे पेडवाले में मधुमक्खी पालन आसानी से किया जा सकता है .

 

 



English Summary: Ajmer Singh Story

Share your comments


Subscribe to newsletter

Sign up with your email to get updates about the most important stories directly into your inbox

Just in