देश में जिस तरह से बेरोजगारी ने पैर पसार लिए है. ऐसे में युवाओं के मन में नौकरी करने की इच्छा ही खत्म होती नजर आ रही है और उनको रुझान बिजनेस की ओर बढ़ रहा है. ऐसे में युवा और ग्रामीण परिवार की महिलाएं मर्गी पालन के व्यवसाय से जुड़ते हैं, तो वह इस बिजनेस से अच्छी आमदनी अर्जित कर सकते हैं. साथ ही सरकार सरकारी योजना के माध्यम से मुर्गी पालन के करोबार को शुरुआत करने में आर्थिक रुप से सहायता कर रही है, ताकि लागत में कमी आए और आमदनी में इजाफा हो सकें.
कुक्कुट पालन योजना क्या है?
कुक्कुट पालन योजना की शुरुआत सरकार ने इस उद्देश्य के साथ की है, ताकि लोग मुर्गी पालन बिजनेस से जुड़कर कम लागत में तगड़ी आय अर्जित कर सकें. साथ ही इस कल्याणकारी योजना के तहत किसानों, बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को मुर्गी पालन (पोल्ट्री फार्मिंग) का बिजनेस शुरु करने के लिए सरकार 40% से 50% तक की सब्सिडी और आसान बैंक लोन भी मुहैया करा रही है.
कुक्कुट पालन योजना में क्या फायदा मिलेगा?
अगर आप इस सरकारी योजना में शामिल होना चाहते हैं तो पहले इस बात को अच्छे से जान लीजिए की इस सरकारी योजना के तहत किसानों, बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को मुर्गी पालन के लिए पशुधन विकास विभाग योजना के लाभार्थियों को 45 उन्नत नस्ल के चूजे और शुरुआती देखभाल के लिए 10 किलो पौष्टिक दाना बिल्कुल मुफ्त मुहैया कराएंगी. इस मदद से महिलाओं को अधिक लाभ होगा वह घर के किसी कमरे से ही इस बिजनेस की शुरुआत कर अच्छी इनकम कमा सकती है.
आवेदन के लिए जरुरी दस्तावेज
अगर आपल इस योजना में आवेदन करने की योजना बना रहे हैं, तो इन जरुरी दस्तावेजों को जल्द ही तैयार कर लें जिनमें हैं-
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आधार कार्ड
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बैंक खाता
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निवास प्रमाण पत्र
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जमीन के कागज
कितनी होगी कमाई?
मुर्गी पालन बिजनेस की शुरुआत करने से पहले हर किसी के मन में यह सवाल होगा की इस कारोबार में कितनी इनकम होने की संभावना है, तो आपको बता दे कि 45 चूजे 5 महीनों में तैयार हो जाते हैं और आजकल बाजारों में देसी अंडों की बड़े पैमाने पर मांग है. ऐसे में आसानी से 10 -15 रुपये प्रति पीस के हिसाब से अगर बिकता है, तो घर बैठे आसानी से हर महीने 6 से 8 हजार रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया जा सकता है.
कैसे करें योजना में अप्लाई?
अगर आप कुक्कुट पालन योजना में इच्छुक है और इस योजना मे आवेदन करने की सोच रहे हैं, तो आप इस सरकारी योजना में शामिल होने के लिए अपने नजदीकी सरकारी पशु चिकित्सा केंद्र या पशुधन विकास विभाग के दफ्तर में जाकर संपर्क कर सकते हैं और योजना का लाभ उठाकर इस बिजनेस की आसानी से शुरुआत कर सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह
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