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इस तरह कभी ना बांधे राखी, जानिए क्या है शुभ मुहूर्त

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श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाए जाने वाले रक्षाबंधन का त्योहार अपने आप में खास है. भाई की कलाई पर बहन द्वारा बांधा गया रक्षासूत्र उनके अटूट प्रेम एवं स्नेह का प्रतीक है. भाई की कलाई में राखी बांधते हुए बहन सिर्फ यही कामना नहीं करती कि वो उसकी रक्षा करेगा बल्कि ये भी कामना करती है कि भगवान उसके भाई को सदा प्रसन्न, कामयाब एवं सेहतमंद रखेंगे. 

वैसे आपको पता ही होगा कि इस बार यह रक्षाबंधन का त्योहार 15 अगस्त के दिन आ रहा है. लेकिन क्या आपको ये भी मालूम है कि इस राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्या है. किस समय राखी बांधना चाहिए और कैसे राखी बांधने चाहिए. अगर नहीं तो कोई बात नहीं यह आर्टिकल हम आपके लिए ही लेकर आए हैं.

इस समय कभी ना बांधेः

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक सूर्यास्त के बाद कभी भी राखी नहीं बांधनी चाहिए, इसके अलावा इस बात का ध्यान भी रखा जाना चाहिए कि राखी बांधते वक्त कक्ष में अंधेरा ना हो.

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इस दिशा में मुख करके कभी ना बांधे राखी

राखी बांधते समय इस बात का ख्याल जरूर रखें कि भाई या बहन में से किसी का मुख दक्षिण दिशा में ना हो. शास्त्रों के मुताबिक दक्षिण दिशा में यमराज का वास होता है और इस कारण इस दिशा में बैठने से नकरात्मक शक्तियां प्रबल हो जाती है.

राखी बांधते समय इन बातों का रखें ख्याल

राखी बांधते समय अपने मन में किसी तरह के नकरात्मक विचार ना लेकर आएं. भाई को चाहिए कि वो जो कुछ अपनी बहन को दें सच्चे मन से दे. ख्याल रहे कि राखी बांधने के बदले किसी तरह का उपहार देना महत्व नहीं करता, बल्कि महत्व इस बात का है कि इस रिशते को आप किस तरह निभाते हैं.



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