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डिजिटल इंडिया : बारहवीं फेल ने कड़ी मेहनत कर बदली तकदीर.

देवव्रत ने 2 बार बारहवीं में फेल होने पर पढाई छोड़ दी क्योंकि उसका मन पढाई करने का नहीं कुछ और ही करने का था. उसको सही प्लेटफार्म दिया यू-ट्यूब ने. उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग का कोर्स किया. इसके बाद कई संस्थानों में नौकरी की वहां पर भी देवव्रत का मन नहीं लगा. शुरुआत से ही देवव्रत ने अपने घर से एक भी रुपया नहीं लिया. नौकरी छोड़ने के बाद देवव्रत को कई बार ताने भी सुनने पड़े लेकिन उसने हार नहीं मानी. इस बार देवव्रत ने एक टीम का गठन किया. उसके बाद एक यू-ट्यूब चैनल की शुरुआत की जिसके माध्यम से उन्होंने लोगो को नई चीजे दिखाना शुरू किया . यानी देवव्रत ने व्लोग की शुरुआत की. जब उसने यह शुरू किया था उस समय उसको एक भी रुपया नहीं मिला.

कुछ समय बाद उसके सब्सक्राइबर बढ़ने लगे और उसकी विडियो लोगो को पसंद आने लगी. तीन महीने का बाद देव यूट्यूब एवं अन्य डिजिटल तरीको से अच्छी कमाई होने लगी. अब देवव्रत हर महीने अपना खर्च निकालकर 60 हजार से 70 हजार रुपए तक प्रतिमाह कमा लेते हैं. उनकी टीम को भी अच्छी आय हो जाती है. देव बताते हैं कि अपनी इसी कमाई से उन्होने घर का क़र्ज़ उतारने में मदद की. अब उनके परिवार में सबकुछ सही है. देवव्रत को भी अच्छे से कमा रहे हैं. उनकी विडियो को युवा अधिक पसंद करते हैं. इसलिए कहा गया है कि किसी इन्सान को कभी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए. जहा चाह वहां राह . जरुरी नहीं कि पैसे सिर्फ पढ़े लिखे ही कमा सकते हैं. यदि आपके अन्दर कुछ कर गुजरने का जज्बा है तो कोई भी मुश्किल आसानी से पार कर सकते हैं. जय हिन्द.

 

साभार : ला पैनेस प्रोडक्शन.

http://www.lapanacheevents.com/

 



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