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क्या दसवीं के बाद सही है आर्टस का चयन, जानिए कितना हैं स्कोप

दसवीं के बाद अब बारी है अपने करियर के प्रथम पड़ाव की यानि कोर्स के चयन की. यह चयन नया होने के साथ-साथ इसलिए भी खास है, क्योंकि अब तक आपके सभी सहपाठी उन्हीं विषयों को पढ़ रहे थे, जो आप पढ़ रहे थे. लेकिन अब सभी को अपनी योग्यता, क्षमता एवं रूची के आधार पर कोर्स का चयन करना है. इस चयन की प्रक्रिया में सबसे ज्यादा जो भ्रामिक बातें हैं, वो आर्टस को लेकर है.

आमतौर पर लोगों का यह मानना है कि इसमे करियर एवं ग्रोध की संभावनाएं ना के बराबर है. कुछ लोगों का ऐसा भी मानना है कि आर्टस लेकर जीवन में अच्छे पैसें नहीं कमाएं जा सकते. अगर आप भी उन्हीं लोगों में से हैं, जो आर्टस सर्टिम को लेकर इस तरह की धारणा रखते हैं, तो बता दें यह सभी बातें निराधार है.

दरअसल सत्य तो यह है कि आर्टस की पढ़ाई आपको जीवन के हर परिक्षा में, यहां तक कि यूपीएससी(UPSC), सिविल सर्विसेज(Civil services) में भी काम आती है. आर्ट्स स्ट्रीम की सबसे खास बात यह है कि इसके ज्यादा तर विषय अपीलिंग सब्जेक्ट्स के दायरे में आते हैं. अपीलिंग सब्जेक्ट्स का मतलब ऐसे विषयों से है, जिसे पढ़ने में बच्चों का अपने आप मन लगता है. इसलिए आर्टस लेने में सिर्फ यह सोचकर संकोच ना करें कि यह तो कम अंक लाने वाले विद्यार्थी पढ़ते हैं. ध्यान रहे कि बड़े -बड़े राजनेता, अभिनेता, सामाजिक कार्यकर्ता आदि आर्टस पढ़कर ही कामयाब हुए हैं.

यह हैं आर्टस के प्रमुख विषय

वैसे तो आर्टस में विषयों की भरमार है और आप किसी भी मनचाहे विषय से इसकी पढ़ाई कर सकते हैं. लेकिन फिर भी हम कुछ विषयों जैसे इतिहास, सामाजिक शास्त्र, भूगोल, दर्शनशास्त्र, लोक प्रशासन, संगीत आदि प्रमुख हैं.

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