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वैज्ञानिकों ने ईजाद किया जामुनी आलू, जानिए क्या है खास

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आम तौर पर लोगों का मानना है कि आलू खाने से वजन बढ़ता है एवं शरीर आलसी होता है. जिम करने वाले और फिटनस प्रेमी तो मुख्य रूप से आलू से दूर रहते हैं. लेकिन अगर हम आपको बताएं कि आलू की एक ऐसी किस्म की ईजाद  कर ली गई है, जो स्वाद और पोषण से भरपूर होने के साथ-साथ ना तो वजन बढ़ाती है और ना मोटापा, तो क्या आप यकीन करेंगें? जी हां, वैज्ञानिकों ने आलू की एक ऐसी किस्म ईजाद की है, जो लोगों के लिए स्वास्थवर्धक है. ये आलू ताजगी, शक्ति एवं चेहरे पर रौनक लाने में सहायक है. इस आलू का नाम जामुनी आलू रखा गया है. चलिए आपको बताते हैं इस जामुनी आलू के बारें में -

जंगली और सामान्य आलू के मिश्रण से बना है जामुनी आलू

इस आलू में सामान्य आलू की तुलना में अरारोट बहुत कम है. यही कारण है कि इसका रंग तो जामुनी है, लेकिन स्वाद एवं स्वभाव से ये आलू ही है. खास बात ये है कि इसे जंगली एवं सामान्य आलू के मिश्रण से बनाया गया है. बता दें कि इस आलू पर करीब पांच सालों से वैज्ञानिकों का रिसर्च जारी था, जिसे अब कर लिया गया है. वैज्ञानिकों का दावा है कि ये आलू  ऑक्सीकरण निरोधक तत्वों से भरपूर है, जो बढ़ते हुए उम्र को रोकने में सहायक है.

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16 वीं शताब्दी से पहले भारत में नहीं था आलू

आलू वैसे तो मूल रूप से अमेरिका की फसल है, लेकिन दुनियां के लगभग हर हर देश में इसका उत्पादन किया जाता है. इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके बिना किसी तरह की दावत पूरी नहीं हो सकती. किसी का जन्मदिन हो, या किसी का विवाह हो, कोई ना कोई आहार ऐसा होता ही है, जिसमे आलू का प्रयोग होता है.

आज़ भारत में ऐसा कोई राज्य नहीं जहां आलू का उत्पादन ना होता हो, लेकिन आपको शायद ही यकिन होगा कि 16वीं शताब्दी से पहले भारत में आलू का उत्पादन नहीं होता था. इस फसल को सबसे पहले यूरोपीय व्यापारी 16वीं शताब्दी में भारत लेकर आएं थे. गौरतलब है कि स्वादिष्ट होने के साथ-साथ आलू पौष्टिक तत्वों से भी भरपूर होता है. मुख्य रूप से इसमे पाया जाने वाला पौष्टिक तत्व स्टार्च शरीर के लिए अति आवश्यक होता है. इसके साथ-साथ इसमें उच्च जैविक माने जाने वाला प्रोटीन भी पाया जाता है. इतना ही नहीं आलू शरीर में क्षार की मात्रा बढ़ाने में सहायक होता है.



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