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किसानों को बड़ी राहत! फार्म पॉन्ड और सिंचाई पाइपलाइन सब्सिडी के नियम बदले, अब कहीं से भी खरीद सकेंगे सामग्री

Rajasthan Government Scheme: किसानों को पानी की समस्या का सामना करते देख राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. फार्म पॉन्ड (खेत तलाई) और सिंचाई पाइपलाइन अनुदान योजना में कई बदलाव कर जिसके तहत अब किसानों को कृषि विभाग में पंजीकृत फर्म से ही सामग्री खरीदने की कोई जरुरत बिल्कुल नहीं होगी और साथ ही किसानों को मिलेगा 90% सब्सिडी का लाभ.

KJ Staff
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राजस्थान के किसानों के लिए फार्म पॉन्ड और सिंचाई पाइपलाइन सब्सिडी के नियम बदले (Image Source-AI generate)

राजस्थान सरकार राज्य के किसानों के लिए कई सरकारी योजना चला रही है. इन्हीं में से एक है फार्म पॉन्ड (खेत तलाई) और सिंचाई पाइपलाइन अनुदान योजना जिसकों लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है और नया नियम लागू किया है कि किसानों को अनुदान प्राप्त करने के लिए कृषि विभाग में पंजीकृत फर्म से ही सामग्री खरीदने की अनिवार्यता नहीं होगी. इस फैसले से किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद चुनने की स्वतंत्रता मिलेगी और वे प्रतिस्पर्धी कीमतों पर सामग्री खरीद सकेंगे.

अब किसी भी BIS प्रमाणित कंपनी से खरीद सकेंगे सामग्री

राज्य सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार किसान अब किसी भी बीआईएस (BIS) प्रमाणित निर्माता, अधिकृत विक्रेता या डीलर से प्लास्टिक लाइनिंग शीट तथा एचडीपीई या पीवीसी सिंचाई पाइप खरीद सकते हैं. पहले किसानों को केवल कृषि विभाग में पंजीकृत विक्रेताओं से ही सामग्री खरीदने की अनुमति थी, जिससे कई बार उन्हें सीमित विकल्प और अधिक कीमतों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब सरकार के इस बदलाव से किसानों को बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद उचित कीमत पर उपलब्ध होने की संभावना है.

अनुदान के लिए किन शर्तों का पालन करना होगा?

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनुदान का लाभ लेने के लिए किसानों को कुछ आवश्यक दस्तावेज और प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे. सामग्री खरीदते समय वैध बीआईएस लाइसेंस, सीएमएल (CML) नंबर, जीएसटी बिल और स्टॉक एंट्री की प्रति देना अनिवार्य होगा. इसके अलावा किसान और निर्माता कंपनी, अधिकृत विक्रेता अथवा डीलर के बीच 500 रुपये के स्टांप पेपर पर अनुबंध भी जमा करना होगा. खरीदी गई सामग्री पर चालू वित्तीय वर्ष का निर्माण वर्ष अंकित होना भी जरूरी रहेगा. 

किस ऐप से होगी गुणवत्ता की जांच?

नई व्यवस्था में तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा. कृषि विभाग के अधिकारी और कृषि पर्यवेक्षक मौके पर निरीक्षण के दौरान BIS CARE ऐप के माध्यम से सामग्री की गुणवत्ता और प्रमाणिकता की जांच करेंगे. साथ ही अधिकारी उत्पाद पर अंकित सीएमएल नंबर दर्ज कर उसका लाइसेंस सत्यापित करेंगे. आवश्यकता पड़ने पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के ऑनलाइन पोर्टल से भी प्रमाणिकता की पुष्टि की जाएगी. इससे नकली उत्पादों के उपयोग पर रोक लगेगी और किसानों को भरोसेमंद सामग्री मिलेगी.

फार्म पॉन्ड पर मिलेगा कितना अनुदान?

राजस्थान सरकार जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए खेत तलाई योजना के तहत किसानों को भारी अनुदान उपलब्ध करा रही है, जो कुछ इस प्रकार है-

  • प्लास्टिक लाइनिंग वाले फार्म पॉन्ड पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और लघु एवं सीमांत किसानों को 90 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 1.35 लाख रुपये है.

  • वहीं सामान्य वर्ग के किसानों को इस योजना के तहत 80 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा, जिसकी अधिकतम राशि 1 लाख रुपये निर्धारित की गई है. 

  • यदि किसान कच्चे फार्म पॉन्ड का निर्माण कराते हैं तो उन्हें भी श्रेणी के अनुसार 60 से 70 प्रतिशत तक आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी.

आवेदन के लिए क्या है जरुरी दस्तावेज?

योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान राज किसान साथी पोर्टल या अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं.

आवेदन के समय निम्न दस्तावेज आवश्यक होंगे-

  •  जन आधार कार्ड

  •  आधार कार्ड

  •  छह माह से अधिक पुरानी न होने वाली जमाबंदी

  •  खेत का नक्शा

  •  बैंक खाते का विवरण

  •  योजना से संबंधित अन्य आवश्यक दस्तावेज

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Rajasthan Farm Pond Irrigation Pipeline Subsidy Rules Revised Farmers Published on: 15 July 2026, 05:24 PM IST

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