1. Home
  2. ख़बरें

MeitY-NASSCOM CoE की अनूठी पहल! डिजिटल क्रांति से सशक्त हो रही भारतीय कृषि, पढ़ें पूरी डिटेल

MeitY-NASSCOM CoE तकनीक के माध्यम से भारतीय कृषि को सशक्त बना रहा है. AI, IoT और डिजिटल समाधानों से किसान पारदर्शिता, गुणवत्ता मूल्यांकन और वैज्ञानिक खेती अपना रहे हैं. यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, बिचौलियों को हटाने और कृषि को आत्मनिर्भर डिजिटल भविष्य की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभा रही है.

KJ Staff
Future of Farming
भारतीय कृषि को सशक्त बना रही MeitY-NASSCOM CoE की डिजिटल पहल (Representational Image Source: Freepik)

भारत की कृषि प्रणाली अब तकनीक की नई राह पर अग्रसर है. पारंपरिक खेती को अधिक कुशल, पारदर्शी और लाभदायक बनाने में डिजिटल समाधान अहम भूमिका निभा रहे हैं. इस परिवर्तन के केंद्र में MeitY-NASSCOM Center of Excellence (CoE) अग्रणी भूमिका निभा रहा है, जो अत्याधुनिक AI, IOT और डिजिटल तकनीकों के माध्यम से किसानों को सशक्त बना रहा है. COE के डिजिटल नवाचार किसानों की आय बढ़ाने के साथ कृषि में पारदर्शिता और कुशलता ला रहे हैं.

MeitY-NASSCOM CoE की एक प्रमुख पहल कर्नाटक में विकसित Raitha Sahayak मोबाइल ऐप है, जिसने कृषि व्यापार को आसान और पारदर्शी बना दिया है. इस ऐप के माध्यम से किसान अपनी फसल की गुणवत्ता की जांच कर सकते हैं और प्रमाणपत्र (COA) तुरंत प्राप्त कर सकते हैं. इससे किसानों को न केवल उनकी फसल का उचित मूल्य मिल रहा है, बल्कि वे बिचौलियों से मुक्त होकर सीधे बाजार से जुड़ पा रहे हैं. इस डिजिटल नवाचार के कारण किसानों को तेज़ी से भुगतान मिल रहा है और पारदर्शी मूल्य निर्धारण से छोटे किसानों को भी फायदा हो रहा है.

गुजरात में MeitY-NASSCOM CoE ने Upjao Agrotech के साथ मिलकर एक AI-आधारित अनाज गुणवत्ता मूल्यांकन प्रणाली विकसित की है. इस तकनीक से किसान अपनी उपज का सटीक मूल्यांकन कर सकते हैं, जिससे उन्हें सही दाम मिल सके. हल्का और उपयोग में आसान पोर्टेबल डिवाइस किसानों को अनाज की शुद्धता और कीट संक्रमण की पहचान करने में मदद करता है. रियल-टाइम रिपोर्टिंग के कारण व्यापार प्रणाली अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनी है, जिससे किसानों को उनकी उपज का वास्तविक मूल्य प्राप्त हो रहा है.

हरियाणा के कैथल जिले में MeitY-NASSCOM CoE और Bharat Rohan के सहयोग से ड्रोन-आधारित फसल निगरानी प्रणाली लागू की गई है. 500 एकड़ भूमि पर संचालित इस प्रणाली से किसानों को सटीक कृषि परामर्श मिल रहा है. ड्रोन द्वारा फसल निगरानी की मदद से कीट, रोग और पोषक तत्वों की कमी का पता लगाया जा सकता है. डेटा-आधारित खेती को बढ़ावा देने से कृषि प्रबंधन अधिक वैज्ञानिक और कुशल बन रहा है. इससे न केवल फसल हानि में कमी आई है, बल्कि उत्पादन में वृद्धि भी देखी गई है. MeitY-NASSCOM CoE केवल एक शोध संस्थान नहीं है, बल्कि किसानों, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए एक सशक्त सहयोगी के रूप में कार्य कर रहा है. CEO संजीव मल्होत्रा के अनुसार, “स्मार्ट डेटा एनालिटिक्स, AI और IoT जैसी तकनीकें सभी उद्योगों में मूलभूत परिवर्तन ला रही हैं. कृषि, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य क्षेत्रों में दक्षता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए इनका उपयोग किया जा रहा है. हमारा लक्ष्य इन तकनीकों को जमीनी स्तर तक पहुँचाकर अधिक कुशल और प्रभावी समाधान प्रदान करना है."

तकनीक के इस समावेश से भारत आत्मनिर्भर डिजिटल भविष्य की ओर बढ़ रहा है. यह बदलाव केवल किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा.

English Summary: Meity-NASSCOM CoE unique initiative digital revolution is empowering Indian agriculture Published on: 04 April 2025, 04:20 PM IST

Like this article?

Hey! I am KJ Staff. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News