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Kisan Chamber of Commerce Conference: कार्बन मार्केट, AI और क्लाइमेट स्मार्ट फार्मिंग से बढ़ेगी किसानों की आय, विशेषज्ञों ने सुझाया रोडमैप

नई दिल्ली में आयोजित किसान चैंबर ऑफ कॉमर्स के 9वें वार्षिक सम्मेलन में कृषि विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भारतीय कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने के लिए कार्बन मार्केट, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), नवाचार और जलवायु-अनुकूल खेती को भविष्य की दिशा बताया।

रौशन कुमार
kisan chamber
कार्बन मार्केट, AI और क्लाइमेट स्मार्ट फार्मिंग से बढ़ेगी किसानों की आय

किसानों की आय बढ़ाने और भारतीय कृषि को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने के लिए कार्बन मार्केट, क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीक आधारित कृषि मॉडल पर तेजी से काम करने की जरूरत है। यह बात नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित किसान चैंबर ऑफ कॉमर्स (KCC) के 9वें वार्षिक सम्मेलन में कृषि विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं ने कही।

"Transforming Indian Agriculture: Innovation, Carbon Markets and Farmers' Prosperity" विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में देशभर से कृषि वैज्ञानिक, किसान संगठनों के प्रतिनिधि, उद्योग जगत, शिक्षाविद, कृषि उद्यमी और विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हुए। सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय कृषि को तकनीक, नवाचार और टिकाऊ विकास के माध्यम से नई दिशा देना रहा।

कृषि की चुनौतियों और समाधान पर हुई चर्चा

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। किसान चैंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव सुरेश देसवाल ने संगठन की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी, जबकि अध्यक्ष जितेंद्र मोर ने कहा कि बदलते जलवायु परिदृश्य में किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई सोच और नई तकनीकों को अपनाना आवश्यक है।

सम्मेलन के पहले तकनीकी सत्र की अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने की। इस दौरान पूर्व कृषि आयुक्त डॉ. गुरबचन सिंह, रूरल वॉयस के प्रधान संपादक हरवीर सिंह, डॉ. दीपक जैन और किसान नेता युधवीर सिंह ने कृषि क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों, सरकारी नीतियों, बाजार व्यवस्था और किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर अपने विचार रखे।

कार्बन मार्केट से किसानों के लिए नए अवसर

सम्मेलन का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण किसान चैंबर ऑफ कॉमर्स, टेरी (TERI) और वीएनवी प्राइवेट लिमिटेड के बीच हुआ त्रिपक्षीय समझौता (MoU) रहा। इस साझेदारी का उद्देश्य किसानों को कार्बन मार्केट, एग्रोफॉरेस्ट्री, जलवायु-अनुकूल कृषि और टिकाऊ आजीविका से जोड़ना है।

विशेषज्ञों का कहना था कि यदि भारत के छोटे और सीमांत किसानों को कार्बन क्रेडिट प्रणाली से प्रभावी ढंग से जोड़ा जाए तो यह उनकी आय का एक नया और स्थायी स्रोत बन सकता है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि को भी बढ़ावा मिलेगा।

AI और युवाओं की भूमिका पर दिया गया जोर

दूसरे तकनीकी सत्र में "Climate Smart Agriculture, Innovation and Youth Empowerment" विषय पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल एग्रीकल्चर, प्रिसिजन फार्मिंग, ड्रोन तकनीक और कृषि स्टार्टअप भारतीय कृषि को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। साथ ही कृषि क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना समय की जरूरत है।

किसानों की समृद्धि के लिए साझेदारी जरूरी

सम्मेलन को संबोधित करते हुए किसान चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष जितेंद्र मोर ने कहा कि भारतीय कृषि का भविष्य नवाचार, तकनीक, कार्बन मार्केट और मजबूत सार्वजनिक-निजी साझेदारी में निहित है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें नई तकनीकों, बेहतर बाजार और मूल्य संवर्धन से जोड़ना होगा।

उन्होंने विश्वास जताया कि सम्मेलन से निकलने वाले सुझाव कृषि क्षेत्र में नई नीतियों और साझेदारियों को गति देंगे तथा किसानों के लिए बेहतर अवसर तैयार करेंगे।

कार्यक्रम का समापन विशिष्ट अतिथियों के सम्मान, धन्यवाद ज्ञापन और नेटवर्किंग सत्र के साथ हुआ।

English Summary: Kisan Chamber of Commerce Conference Carbon Market Ai Climate Smart Farming Published on: 15 July 2026, 02:24 PM IST

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