1. Home
  2. ख़बरें

गुजरात के किसान ने हर्बल जड़ी-बूटियों के इस्तेमाल से बनाई थन सूजन की दवा

गुजरात के एक किसान बेचरभाई ने देशी जड़ी बूटियों की मदद से पशुओं की थनों में होने वाले सूजन से बचाव के लिए एक देशी दवा का निर्माण किया है.

रवींद्र यादव
जड़ी-बूटी के मदद से थन सूजन की दवा की निर्माण
जड़ी-बूटी के मदद से थन सूजन की दवा की निर्माण

Gujrat: गुजरात के एक किसान ने अपने सूझबूझ से ऐसी दवा को तैयार किया है, जो दुधारू मवेशियों में होने वाली गंभीर बीमारी थन सूजन का अचूक इलाज कर सकती है. यह दवा पूरी तरह से हर्बल है और इसका नाम मस्टीरेक जेल है. गुजरात के जिस किसान के स्वदेशी ज्ञान के आधार पर इस दवा का निर्माण किया है उनका नाम बेचरभाई समर्थभाई देवगानिया है. इस किसान के स्वदेशी ज्ञान प्रणाली का उपयोग करते हुए सरकारी संस्था नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन की मदद से इस मस्टीरेक जेल को तैयार किया है.

थन सूजन या मास्टिटिस पशुओं में होने वाली एक आम संक्रामक बीमारी है, जो दूध की क्वालिटी में गिरावट लाने के कारण उत्पादकता को प्रभावित करती है और जो किसानों की आय को भी प्रभावित करती है. इस बीमारी से संक्रमित पशुओं का एंटीबायोटिक दवाओं से उपचार लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है.

नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन भारत सरकार की संस्था है जो विज्ञान और प्रोद्योगिकी विभाग के अंतर्गत काम करती है. यह फाउंडेशन किसानों के ज्ञान को बढ़ाने और विभिन्न तरीकों का उपयोग कर कुछ नया करने और बनाने पर जोर देता है. बेचरभाई ने इस जेल को बनाने के लिए अपने तरीके को ज्ञान फाउंडेशन से साझा किया, जिसके बाद यह दवा विकसित की गई. बेचरभाई ने स्थानीय स्तर पर हर्बल जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल कर थन सूजन की दवा बनाई थी. इस दवा को संक्रमित हिस्से पर लगाने के बाद बेहद अच्छा प्रभाव देखा गया. इसका पेटेंट किसान समर्थभाई देवगानिया के पास ही है.

यह पाया गया कि सोमैटिक सेल काउंट (एससीसी) को यह दवा कम कर सकती है और दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार कर सकती है. सोमैटिक सेल काउंट विश्व स्तर पर एक पैरामीटर है और इसके आधार पर ही थन सूजन बीमारी का संक्रमण देखा परखा जाता है. मस्टीरेट जेल एक पॉलीहर्बल दवा है जो थन में हानिकारक सूजन को कम करती है.

ये भी पढ़ेंः गुजरात के किसानों के लिए खुशखबरी, साल के अंत तक आय होगी दोगुनी, जानिए कैसे?

इस दवा को बनाने वाली कंपनी देश के अलग-अलग हिस्सों में मस्टीरेक जेल का निर्माण और वितरण कर रही है. देश के आठ राज्यों- गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में डेयरी मालिकों को मस्टीरेक-एंटीमास्टाइटिस हर्बल दवा का उपयोग करने से लाभ हुआ है. इसने एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग कम कर दिया है और इस बीमारी का कम खर्च में इलाज करने में मदद की है.

English Summary: Gujarat farmer made medicine for swelling using herbal Published on: 11 March 2023, 10:42 AM IST

Like this article?

Hey! I am रवींद्र यादव. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News