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सरसों की फसल पर प्रक्षेत्र दिवस का किया गया आयोजन

कृषि विज्ञान केंद्र, उजवा नई दिल्ली द्वारा, नजफगढ. क्षेत्र के खेडा डाबर गाँव में 04 फरवरी, 2021 को सरसों की फसल पर प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम के अवसर पर केंद्र के अध्यक्ष डॉ. पी. के. गुप्ता ने उपस्थित किसानों का स्वागत करते हुए बताया दिल्ली क्षेत्र में सरसों का फसल मुख्य फसल है लेकिन लोकल प्रजाति का प्रयोग अधिक होने के कारण उत्पादकता काफी कम है.

मनीशा शर्मा
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Agriculture

कृषि विज्ञान केंद्र, उजवा नई दिल्ली द्वारा, नजफगढ. क्षेत्र के खेडा डाबर गाँव में 04 फरवरी, 2021 को सरसों की फसल पर प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम के अवसर पर केंद्र के अध्यक्ष डॉ. पी. के. गुप्ता ने उपस्थित किसानों का स्वागत करते हुए बताया दिल्ली क्षेत्र में सरसों की फसल मुख्य फसल है, लेकिन लोकल प्रजाति का प्रयोग अधिक होने के कारण उत्पादकता काफी कम है. 

इस बात को ध्यान में रखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र, दिल्ली के द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत दिल्ली देहात के विभिन्न गाँवो जैसे- खेराडाबर, जाफरपुर, उजवा, ढांसा, गालिबपुर, मलिकपुर आदि में किसानों के 125 प्रक्षेत्रों (50 हेक्टेयर) पर सरसों की उन्नत किस्में गिरिराज प्रदर्शनी में लगाई गईं. 

इसमें किसानों को गिरिराज किस्म का बीज, सूक्ष्म पोषक तत्व, खरपतवार नियंत्रण एवं कवकनाशियों का वितरण किया गया. इसके साथ ही किसानों को सरसों की वैज्ञानिक खेती के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाई गयी. डॉ. सिंह ने किसानों से आग्रह किया कि इस प्रदर्शित उन्नत किस्म के बीज का प्रयोग आगामी सरसों की फसल की बुवाई में भी करें एवं अपने साथी किसानों को भी वितरण करें.

डॉ डी. के. राणा (पादप विशेषज्ञ) ने सरसों में लगने वाले किट एवं बीमारियों के प्रबंधन के बारे में जानकारी दी एवं राकेश कुमार, विशेषज्ञ (बागवानी) ने किसानों को बागवानी फसलों की खेती एवं प्रबंधन के बारे में जानकारी दी.

इस दौरान डॉ. गुप्ता ने बताया कि जिन किसानों के प्रदर्शन अच्छे हैं, उनका बीज कृषि विज्ञान केंद्र खरीद करेगा. इसी क्रम में डॉ समरपाल सिंह, विशेषज्ञ (सस्य विज्ञान) ने बताया कि सरसों की गिरिराज किस्म सरसों अनुसन्धान निदेशालय, भरतपुर, (राजस्थान) के द्वारा विकसित की गई है. जिसकी उत्पादकता 27.00 कुंतल प्रति हेक्टेयर एवं तेल की मात्रा 40-42 प्रतिशत है. 

इस दौरान डॉ. सिंह ने किसानों को सरसों के प्रदर्शनों का भ्रमण करवाकर किस्म गिरिराज के बारे में विस्तृत जानकारी दी. साथ ही किसानों ने पाया कि प्रदर्शन क्षेत्र में लगी गिरिराज किस्म में फली एवं दानों कि संख्या एवं आकर अन्य लोकल प्रजाति की तुलना में अधिकतम है.

ये खबर भी पढ़ें: भारत में सरसों की लोकप्रिय किस्में और इसकी खेती के लिए अनुकूल स्थितियां

बृजेश कुमार (मृदा विशेषज्ञ) ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड का महत्व एवं मृदा के नमूने लेने के तरीके के बारे में विस्तृत रुप से बताया. कार्यक्रम के क्रम में प्रगतिशील किसान श्री ओम प्रकाश, श्री भगवान दास एवं अन्य साथी किसानों ने प्रदर्शित फसल के बारे में अपने अनुभव साझा करते काफी खुशी व्यक्त की.  इस कार्यक्रम में लगभग 50 किसानों ने भाग लिया.

न्यूज़ स्त्रोत: डॉ. पी के गुप्ता, अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केंद्र

(नेशनल हॉर्टिकल्चरल रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन)

नेफेड कॉम्प्लेक्स, गांव और पोस्ट: उजवा, नई दिल्ली - 110073

English Summary: Field day organized on mustard crop Published on: 05 February 2021, 05:52 PM IST

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