कपास के रख रखाव का आसान तरीका

देश में कपास का क्षेत्रफल बढ़ रहा है। कपास खिलने के बाद एक साथ चुगाई होती है। उस समय मजदूरों की कमी हो जाती है। किसानों को तकलीफ का सामना करना पड़ता है। इसलिए साईमा कॉटन डेवलपमेंट एण्ड रिसर्च एसोसिएशन (साईमा कपास विकास और संशोधन संस्था) कोयम्बटूर ने एक कपास चुनने का यंत्र (कपास मशीन) बनाया है जिसका प्रदर्शन हाल ही में 2000 किसानों के सम्मुख सीटी-सिड्डा किसान मेले में दिखाया गया था। मशीन की विशेषताएं: सस्ती कीमत एवं पूंजी निवेश पर तुरन्त लाभ बटाई में 70 प्रतिशत तक कम लागत।

उत्पादकता: हाथ कटाई से 6 गुना अधिक प्रदूषण मुक्त कपास। न्यूनतम कूड़ कटकर (कचरा)। कपास के सभी प्रकार की कटाई हेतु उपयुक्त।

न्यूनतम रख-रखाव: कम से कम शारीरिक तनाव। इस यत्रं से 8 घंटे चार्ज करने से 8 घंटे चला सकता है। 8 घंटे इस यंत्र के उपयोग से 150 किलो कपास चुन सकते हैं।

निर्माता बताते हैं कि इसकी कीमत 7000 रूपए (सभी कर सहित) रखी गई है तथा किसानों हेतु सब्सिडी के लिए आवेदन किया हुआ है। सब्सिडी मिलती है तो यह किसानों को 4000 रूपए में मिल जाएगी। भारतीय वस्त्र उद्योग संगठन द्वारा 4 मशीने प्रदर्शन हेतु अजमेर, पाली, जोधपुर तथा नागौर में उपलब्ध कराई जिससे राजस्थान के जोधपुर जिले के भोपालगढ़ क्षेत्र के रामकिशोर ने कपास चुगाई का सफल प्रयोग किया।

उन्होंने इसको किसानों के लिए अच्छा बताया है। यदि बैटरी का वजन थोड़ा कम कर दिया जाए तो इसकी क्षमता और बढ़ सकती है। रामकिशोर ने अपने खेत की कपास इसी की चुगाई मशीन से की है।

मशीन की उपलब्धता, ताजा कीमत तथा कार्यप्रणाली हेतु जानकारी के लिए निर्माता के मोबाइल न. 09845833965 पर तथा कार्य क्षमता व उपयोग हेतु कृषक रामकिशोर के मोबाइल नं. 9649473007 तथा लेखक के मोबाइल पर संपर्क कर सकते हैं

 

 

डॉ. तखतसिंह राजपुरोहित

मोबाइल.- 9414921262

कृषि जागरण मासिक पत्रिका, जनवरी माह

नई दिल्ली

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