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जैविक सर्टिफिकेट से होगा मुनाफा, खेती में प्रोसेसिंग और मार्केटिंग का है महत्व– पद्मश्री भारत भूषण त्यागी

हर साल की तरह इस साल भी 23 दिसंबर को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह जी की जयंती को किसान दिवस के रूप में देशभर में मनाया गया. इस मौके पर केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा कई तरह के आयोजन हुए, ऐसे में खेती और गांव जगत की सबसे सबसे बड़ी पत्रिका कृषि जागरण भी पीछे कैसे रह सकती थी. हमारी तरफ से भी किसान दिवस के मौके पर डिजिटल कार्यक्रम का आयोजित हुआ, जिसमें कई दिग्गज हस्तियों ने भी हिस्सा लिया.

सिप्पू कुमार
पद्मश्री भारत भूषण त्यागी
पद्मश्री भारत भूषण त्यागी

हर साल की तरह इस साल भी 23 दिसंबर को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह जी की जयंती को किसान दिवस के रूप में देशभर में मनाया गया. इस मौके पर केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा कई तरह के आयोजन हुए, ऐसे में खेती और गांव जगत की सबसे सबसे बड़ी पत्रिका कृषि जागरण भी पीछे कैसे रह सकती थी. 

हमारी तरफ से भी किसान दिवस के मौके पर डिजिटल कार्यक्रम का आयोजित हुआ, जिसमें कई दिग्गज हस्तियों ने भी हिस्सा लिया.

किसान दिवस के मौके पर पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किसान भारत भूषण त्यागी भी कृषि जागरण के फेसबुक पेज पर लाइव आए. यहां उन्होंने खेती और किसानी से जुड़े कई मुद्दो पर बात करते हुए, किसानों को सफलता के मंत्र दिए. भारत भूषण ने कहा कि समय  के साथ खेती का स्वरूप बदल रहा है, ऐसे में किसानों को न सिर्फ उत्पादक बल्कि व्यवसायी का किरदार भी निभना चाहिए. कृषि को तब तक मुनाफे का सौदा नहीं बनाया जा सकता, जब तक कि बाजार व्यवस्था में किसान अपना योगदान देना न शुरू कर दें.

सहकारिता के साथ जुड़ना जरूरी (It is necessary to join the cooperative)

भारत भूषण ने कहा कि आज के समय में सहकारिता के सहयोग से किसान अपनी आर्थिक और सामाजिक उन्नति कर सकता है. सहकारी संस्थाओं के सहयोग से वो मार्गदर्शन और तकनीकी की सुविधा ले सकता है.

प्राकृतिक तरीकों को अपनाने से होगा लाभ (Benefits of adopting natural methods)

भारत भूषण ने कहा कि आज के समय हर किसान ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए अधिक से अधिक रसायनों का उपयोग कर रहा है, जिसके कारण उसे नुकसान हो रहा है. जबकि जैविक खेती से उसको कई तरह के लाभ हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि “भूमि की उपजाऊ क्षमता को बढ़ाने में जैविक खेती सहायक है, साथ ही इससे सिंचाई के अंतराल में भी वृद्धि होती है. इतना ही नहीं रासायनिक खादों पर बिना निर्भर हुए उत्पादन भी बढ़ता है. बाज़ार में तो जैविक उत्पादों की खूब मांग है, इसलिए किसानों को जैविक खेती की तरफ ध्यान देना चाहिए.”

जैविक सर्टिफिकेशन की जरूरत (Organic certification required)

भारत भूषण ने कहा कि आज मार्केट में जैविक फल-सब्जियों की अच्छी मांग है, इसलिए किसी भी उत्पाद को ऑर्गेनिक बताकर ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है. इससे सबसे बड़ा घाटा उन किसानों को होता है, जो वास्तव में ओर्गेनिक खेती कर रहे हैं, लेकिन मार्केट पर पकड़ न होने की वजह से मुनाफा नहीं कमा पा रहे. ऐसे में किसानों को उत्पादों के लिए जैविक सर्टिफिकेशन की जरूरत है.

पीजीएस का उठाएं लाभ (Take advantage of PGS)

पीजीएस सर्टिफिकेट की महत्वता को बताते हुए भारत भूषण ने कहा कि किसानों को अपने उत्पादों का रजिस्ट्रेशन इस सेवा के अंतर्गत करवाना चाहिए. पीजीएस के माध्यम से उनके उत्पादों को ओर्गेनिक पहचान मिलेगी जो मार्केट में अपने आप में किसी ब्रांड की तरह होगा.

खेती में मार्केटिंग और प्रोसेसिंग का महत्व (Importance of marketing and processing in agriculture)

भारत भूषण ने कहा कि आज के समय में खेती को मार्केटिंग और प्रोसेसिंग से जोड़ना जरूरी है. प्रोसेसिंग इकाइयां लगाने में सरकारी मदद ली जा सकती है. तकनीक नए से नया हो सकता है, बस खेती का आधार प्राकृतिक होना चाहिए. प्राकृतिक रूप से उगाई गई हर चीज़ तीनों के लिए फायदेमंद है, जिसमें किसान, बाजार और ग्राहक शामिल हैं.

English Summary: Bharat Bhushan Tyagi give tips about successful and profitable farming Published on: 28 December 2020, 08:47 PM IST

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