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संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने हेतु कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में महत्वपूर्ण बैठक

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में 20 अप्रैल 2026 को वैज्ञानिकों व तकनीकी कर्मचारियों की बैठक हुई। निदेशक डॉ. अनुप दास की अध्यक्षता में संतुलित उर्वरक उपयोग अभियान और “मेरा गाँव मेरा गौरव” कार्यक्रम पर चर्चा हुई। सात टीमें गठित कर गाँवों में जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।

KJ Staff
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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में संस्थान के सभी वैज्ञानिकों एवं तकनीकी कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई

सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के निर्देशानुसार दिनांक 20 अप्रैल, 2026 को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में संस्थान के सभी वैज्ञानिकों एवं तकनीकी कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास ने की। बैठक में देशव्यापी संतुलित उर्वरक उपयोग अभियान तथा “मेरा गाँव मेरा गौरव” कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक के दौरान अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कुल 7 “मेरा गाँव मेरा गौरव” टीमों का गठन किया गया, जिनमें वैज्ञानिकों एवं तकनीकी अधिकारियों को शामिल किया गया है। ये टीमें अपने-अपने गोद लिए गए गाँवों में संतुलित उर्वरक उपयोग को प्रोत्साहित करने हेतु सघन अभियान संचालित करेंगी। इसके अंतर्गत उर्वरकों के वैकल्पिक उपायों जैसे—हरी खाद, एजोला, जैव उर्वरक, दलहनी फसलों का समावेश तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, किसानों के बीच व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे उन्हें सतत एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों के प्रति प्रेरित किया जा सके। 

इसके अतिरिक्त, पूर्णिया जिला, जो कि देश के 100 चिन्हित जिलों में शामिल है जहाँ डीएपी का अत्यधिक उपयोग होता है, के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। इस जिले में अभियान के प्रभावी संचालन हेतु राज्य सरकार, कृषि विज्ञान केंद्रों , राज्य कृषि विश्वविद्यालयों एवं अटारी, पटना के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। 

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बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि किसानों के लिए सरल एवं उपयोगी प्रसार पुस्तिका एवं लोकप्रिय लेख तैयार किए जाएँ, जिनके माध्यम से जैव उर्वरकों, हरी खाद तथा संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके। 

डॉ. दास ने अपने संबोधन में कहा कि फसल विविधीकरण तथा मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि इस अभियान के अंतर्गत गोद लिए गए गाँवों में बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। बैठक में संस्थान के अधीनस्थ केन्द्रों के वैज्ञानिकों एवं तकनीकी अधिकारियों ने भी ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की। बैठक का समापन डॉ. आरती कुमारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

English Summary: Agricultural Research Patna Balanced Fertilizer Use Meeting Published on: 21 April 2026, 06:44 PM IST

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