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चावल, धान, कपास, हरा चना, फूलगोभी और पशुपालन के लिए एडवाइजरी, इन राज्य के किसान रखें ध्यान

हरियाणा के किसान व पशुपालन भाइयों के लिए मौसम विभाग ने एग्रोमेट एडवाइजरी जारी कर दी है, ताकि किसान समय पर अपनी खेती व पशुपालन को अच्छे से कर सकें.

लोकेश निरवाल
किसानों के लिए एग्रोमेट एडवाइजरी
किसानों के लिए एग्रोमेट एडवाइजरी

मानसून के समय मौसम विभाग हरियाणा ने राज्य के किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है. जिसमें किसानों के लिए जरूरी सलाह दी गई है कि खेत में रसायन देते समय मौसम का ध्यान रखें. इसके अलावा IMD ने परिवर्तनशील मौसम और कम प्रकाश के चलते खरीफ की फसलों (Kharif fruits) पर निगरानी रखने की भी सलाह दी है.

चावल की खेती के लिए जरूरी एग्रोमेट एडवाइजरी

इस समय किसान सीधे बीज वाले चावल में खरपतवारों की पहचान ठीक से करें और फिर छिड़काव करें और साथ ही खरपतवारनाशी का भी ध्यान रखें.

बासमती धान में पाद सड़न को नियंत्रित करने के लिए, बुवाई से पहले बीज को ट्राइकोडर्मा हार्ज़ियनम @ 15 ग्राम/किलोग्राम से उपचारित करें और साथ ही खेत में रोपाई करें, नर्सरी की जड़ों को ट्राइकोडर्मा हर्जियानम के घोल में 15 ग्राम प्रति लीटर पानी में 6 बार डुबोकर रखें.

पौधा रोपण से कुछ घंटे पहले

किसानों को सलाह दी जाती है कि वे खेत में वर्षा जल के संरक्षण के लिए बांध बनाएं. बांध ऊंचा और चौड़ा होना चाहिए, ताकि अधिक वर्षा जल को खेत में संरक्षित किया जा सके. इसके अलावा खेत में जल निकासी की उचित व्यवस्था की जानी चाहिए.

धान की पूर्ण रोपाई के समय

इस समय किसान गहरी पौध रोपण से बचें. इसके लिए वे 1 ग्राम कार्बेन्डाजिम प्रति वर्ग मीटर मिश्रण में लगाएं और फिर बालू के साथ और बकाने की सुरक्षा के लिए खेत में रोपाई के 7 दिन पहले नर्सरी में लगाएं.

कपास की खेती के लिए एग्रोमेट एडवाइजरी

  • किसान कपास की खेती में निराई और अन्य कृषि कार्यों को करते समय बदलते मौसम को ध्यान में रखते हुए कपास की फसल में स्प्रे करें.

  • कपास पर सफेद मक्खी के कीड़ों की नियमित निगरानी की जानी चाहिए. सफेद मक्खी की ईटीएल 18 से 24 वयस्क, 6 अप्सरा प्रति 3 पत्ती पौधे की होती है.

  • इस अलावा किसानों को सलाह दी जाती है कि कीटनाशक का छिड़काव तभी करें जब कीट ने ईटीएल को पार कर लिया हो और मौसम बदलते रहें.

हरा चना:- इस समय किसान चने की खेती करते समय फसलों में कीट/रोग की निगरानी करते रहें.

फूलगोभी:- जल्दी बोई जाने वाली फूलगोभी, टमाटर और मिर्च जैसी सब्जियों की नर्सरी उगाने के लिए यह समय अनुकूल है. एक महीने के बाद उन्हें खेत में प्रत्यारोपित किया जा सकता है.

मौसम विभाग ने पशुपालन करने वाले किसानों के लिए भी एग्रोमेट एडवाइजरी जारी की है. जो कुछ इस प्रकार से हैं...

भैंस और गाय के लिए एडवाइजरी

पशुओं को अधिकतर सुबह और शाम के समय पर्याप्त मात्रा में संतुलित आहार दिया जाना चाहिए. ऐसा पशुओं को कई बार यह तनाव से राहत देगा. मौसम में परिवर्तन होने के कारण पशुओं को छांव में रखें. पशुओं के लिए हरा चारा बोना सुनिश्चित करें. यदि पशुओं को अभी तक एफएमडी के खिलाफ टीका नहीं लगाया गया है, तो ब्लैक क्वार्टर, एंटरोटॉक्सिमिया सुनिश्चित करें.

मछली:- किसानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि टैंक में पानी की गुणवत्ता अच्छी तरह से बनी रहे कि अंडे किसी भी कवक उपभेदों से संक्रमित नहीं हो. किसान प्रेरित प्रजनन शुरू कर सकते हैं.

नौसिखियों के लिए यह समय तालाब बनाने के लिए तैयार करने का है. इसके अलावा यह समय मछली के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है.

मधुमक्खी पालन के लिए सलाह

मधुमक्खी पालकों को सलाह दी जाती है कि वे मधुमक्खियों के विकास के लिए संतुलित आहार दें और हो सके तो उन्हें चारा दें.  चारे के रूप में मधुमक्खियों को कृत्रिम चारा (500 मिली पानी + 500 ग्राम चीनी) की व्यवस्था करें.

English Summary: Advisory for rice, paddy, cotton, green gram, cauliflower and animal husbandry, farmers of these states should take care Published on: 08 August 2022, 05:52 PM IST

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