Machinery

यह मशीन छुट्टा जानवरों से बचाव के साथ बढ़ाएगी आपकी आय

आज हम आपको ऐसी मशीन के बारे में बताएंगे जिसका इस्तेमाल कर किसान अपनी फसलों को  नीलगाय के कहर से बचा सकते है. क्योंकि इनका आतंक प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. जिस वजह से किसानों की पूरी फसल नष्ट हो जाती है और उनके पास खाने के लिए भी कुछ नहीं बचता. जिसके लिए किसान अपने खेतों को छुट्टा जानवरों से बचाने के लिए कईं तरह के उपाय करते हैं पर कोई भी कामयाब नहीं हो पाया.  इसी समस्या से निजात दिलाने के लिए लखनऊ के त्रिलोकी द्विवेदी ने एक ऐसी मशीन बनाई है जिसकी मदद से किसान अपनी फसल को पशुओं से सुरक्षित कर सकेंगे. 

इस मशीन का नाम उन्होंने 'किसान फसल सुरक्षा कवच' (सोलर फेंसिंग )रखा है. यह सौर ऊर्जा द्वारा चलने वाली मशीन है. इसमें डे, नाईट और ऑटोमेटिक मोड का भी ऑप्शन है. अगर आप दिन वाला मोड चालू करते हैं तो मशीन दिन में सिर्फ दो घंटे तारों में करंट सप्लाई करवाएगी और अगर आप ऑटोमेटिक मोड चालू करते हैं तो मशीन 24 घंटे नौ किलोवाट का करंट सप्लाई करेगी. यह सोलर फेंसिंग आपके खेतों को पूरी तरह पशुओं से सुरक्षित करवाएगी और आपके आय को भी बढ़ाएगी. क्योंकि अगर फसल सुरक्षित तो सब सुरक्षित.

किसान अपनी फसल को बचाने के लिए कईं प्रकार की तारों का इस्तेमाल करते हैं. जैसे कंटीली तारें, बिजली वाली तारें. यह सब तारें कभी -कभी पशुओं से ज्यादा हमारे लिए खतरनाक हो जाती है. लेकिन इस तकनीक से ज्यादा ख़तरा नहीं होगा. यह कुछ देर के लिए हल्का झटका देगी। जिससे पशु डर कर भाग जाएंगे और आपके खेत को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा.

यह मशीन ज्यादा महंगी नहीं है. आप एक बार निवेश करके अपने खेतों को सालों साल तक बचा सकते है. इसे एक एकड़ खेत में लगाने का खर्चा करीब 23 हज़ार तक होता है और अगर 5-6 एकड़ में लगाना चाहते हैं तो इस पर आपका खर्चा 40-50 हज़ार तक आ जाता है. अगर आपके पास इंसुलेटर और बैटरी अपनी है तो आपका खर्चा केवल 15 हज़ार ही आता है. 

अगर आप लोग भी अपने खेतों में यह मशीन लगाना चाहते हैं तो आप इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं और अधिक जानकारी के लिए आप हमे कमेंट बॉक्स में भी बता सकते  है.

सम्पर्क : 9415339969, 9415206669



English Summary: solar fencing will protect farmers crop from nilgai and stray cattle

Share your comments


Subscribe to newsletter

Sign up with your email to get updates about the most important stories directly into your inbox

Just in